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अंबिकापुर : सरगुजा में 22 कर्मचारियों पर सेवा समाप्ति की तलवार, जारी हुआ अंतिम नोटिस
अमर उजाला नेटवर्क, अम्बिकापुर
Published by: अंबिकापुर ब्यूरो
Updated Sat, 17 Jan 2026 07:54 PM IST
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सार
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्कूल शिक्षा विभाग ने बिना सूचना के लंबे समय से अनुपस्थित रहने वाले 22 कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
नोटिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्कूल शिक्षा विभाग ने बिना सूचना के लंबे समय से अनुपस्थित रहने वाले 22 कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने ऐसे शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की सूची तैयार की है, जो काफी समय से अनाधिकृत रूप से ड्यूटी से गायब हैं। इन कर्मचारियों ने विभाग से किसी भी प्रकार की छुट्टी स्वीकृत नहीं कराई है। इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा ने सभी 22 कर्मचारियों को सेवा समाप्ति के लिए अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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अनुशासनहीनता पर कार्रवाई: जारी हुआ अंतिम नोटिस
जानकारी के अनुसार, सरगुजा जिले में 13 शिक्षक सहित कुल 22 कर्मचारी लंबे समय से बिना पूर्व सूचना के अपने कर्तव्यों से अनुपस्थित चल रहे हैं। शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ और अनुशासित बनाए रखने के उद्देश्य से, जिला शिक्षा अधिकारी, अंबिकापुर ने इन सभी के विरुद्ध यह नोटिस जारी किया है। डीईओ दिनेश झा ने स्पष्ट किया है कि बिना सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के लंबे समय तक अनुपस्थित रहना घोर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता का परिचायक है। यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के उपनियम-03 और उपनियम-07 के प्रतिकूल है। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-10 के तहत कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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तीन वर्ष से अधिक अनुपस्थिति पर त्यागपत्र के समान
छत्तीसगढ़ शासन, वित्त विभाग के एक पत्र का हवाला देते हुए बताया गया है कि यदि कोई शासकीय सेवक तीन वर्ष से अधिक निरंतर अवधि तक कर्तव्य से अनुपस्थित रहता है, तो उसे त्यागपत्र दिया हुआ माना जाएगा। इसके अतिरिक्त, सामान्य प्रशासन विभाग के एक पत्र के अनुक्रम में, इन शिक्षकों और कर्मचारियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के प्रावधानों के तहत सेवा से हटाने या पदच्युत करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
सात दिनों में देना होगा जवाब
जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे अंतिम कारण बताओ नोटिस प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर अपना लिखित जवाब उचित माध्यम से कार्यालय में प्रस्तुत करें। यदि निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो नियमानुसार उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारी की स्वयं की होगी। शिक्षा विभाग ने इस बात पर जोर दिया है कि विद्यार्थियों के हितों और शैक्षणिक कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।