सरगुजा: मैनपाट में नाबालिग बालिकाओं के धर्मांतरण मामले में पुलिस की कार्रवाई, आरोपी मांझी के खिलाफ अपराध दर्ज
नाबालिक बालिकाओं के धर्मांतरण प्रकरण में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है।धर्म रक्षा समिति के खंड संयोजक ग्राम केसरा निवासी दिलवर यादव की शिकायत पर कमलेश्वरपुर पुलिस ने धर्मांतरण के मामले में आरोपी महिला आरती मांझी के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है।
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सरगुजा जिला के मैनपाट में नाबालिक बालिकाओं के धर्मांतरण प्रकरण में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है।धर्म रक्षा समिति के खंड संयोजक ग्राम केसरा निवासी दिलवर यादव की शिकायत पर कमलेश्वरपुर पुलिस ने धर्मांतरण के मामले में आरोपी महिला आरती मांझी के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। जबकि इस मामले में पुलिस ने बालिकाओं के परिजनों का भी बयान दर्ज किया है। परिजनों का भी आरोप है कि महिला आरती मांझी उनकी नाबालिग बच्चियों को बहला फुसला और प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करने के मकसद से बरिमा चर्च ले जा रही थी।बरिमा में पथरई चर्च से जुड़े लोगों ने बत्तिसमां रखा था। आरती को 6 बच्चियों के साथ बरिमा प्रार्थना सभा जाते देख दिलवर यादव और अन्य युवकों ने उन्हें रोका। इस दौरान महिला ने स्वीकार किया कि उसने बच्चियों के परिजनों से अनुमति नहीं ली है।
धर्म रक्षा समिति के खंड संयोजक दिलबर यादव ने बताया कि आरती माझी मैनपाट क्षेत्र में काफी दिनों से ईसाई समाज का प्रचार- प्रसार कर रही है। वह केसरा और सरभंजा ग्राम की 6 बच्चियों को 40-40 रुपए देकर बच्चियों को बहला-फुसलाकर प्रार्थना सभा में ले जाया करती है। ग्रामीणों ने अब प्रार्थना सभा में जाना बंद कर दिया तो वो बच्चों को पैसे देने का लालच देकर ले जाती है।
गौरतलब है कि रविवार को धर्म रक्षा समिति के संयोजक दिलवर यादव ने ग्रामीणों के साथ मिलकर आरती मांझी नामक महिला को पकड़ा था। आरोपी महिला ग्राम सरभंजा और केसरा के मांझी परिवार के 6 बालिकाओं को बरिमा चर्च में बतिस्ता कराने ले जा रही थी। जबकि इस मामले की जानकारी बच्चियों के परिजनों को भी नही थी। परिजनों को जब इसकी जानकारी मिली तो वे मामले को लेकर कमलेश्वरपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 5(क) तहत अपराध दर्ज किया है।