सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Balod News ›   Administration takes action against farmers cultivating land along the Tandula riverbank orders them to vacate

बालोद: तांदुला तट पर खेती कर रहे किसानों पर प्रशासन की कार्रवाई, जमीन खाली करने के निर्देश, आजीविका पर संकट

अमर उजाला नेटवर्क, बालोद Published by: Digvijay Singh Updated Wed, 14 Jan 2026 07:42 PM IST
विज्ञापन
सार

बालोद जिले में तांदुला नदी के किनारे दशकों से खेती कर रहे किसानों के सामने अचानक आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। तहसील प्रशासन ने शाम 4 बजे बेदखली का नोटिस थमा दिया है।

Administration takes action against farmers cultivating land along the Tandula riverbank orders them to vacate
आजीविका पर संकट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

बालोद जिले में तांदुला नदी के किनारे दशकों से खेती कर रहे किसानों के सामने अचानक आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। तहसील प्रशासन ने शाम 4 बजे बेदखली का नोटिस थमा दिया है। इसमें शुक्रवार सुबह तक जमीन खाली करने का सख्त निर्देश दिया गया है, अन्यथा खेतों को नेस्तनाबूत करने की चेतावनी दी गई है। इस फरमान से किसान सहमे हुए हैं।

Trending Videos


कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान, जिम्मेदार अधिकारी नदारद
प्रशासनिक आदेश से घबराए किसान अपनी गुहार लेकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। हालांकि, देर शाम होने के कारण कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। किसान अपनी पीड़ा बताने के लिए भटकते रहे। प्रभावित किसानों का कहना है कि वे पिछले 60 वर्षों, यानी तीन पीढ़ियों से इस जमीन पर खेती कर रहे हैं और यही उनकी आय का एकमात्र साधन है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूंजी डूबने का खतरा, खेतों में लहलहा रही है उम्मीद
किसानों ने बताया कि तांदुला नदी के किनारे खेतों में फसलें लगाई जा चुकी हैं। जुताई-बुआई का काम अंतिम चरण में है। किसानों ने अपनी जमा-पूंजी बीज, खाद और मजदूरी पर खर्च कर दी है। ऐसे में अचानक बेदखली की कार्रवाई उन्हें कर्ज और भुखमरी की ओर धकेल सकती है।

प्रशासन के रवैये पर सवाल
कृषक लोचन लाल साहू ने प्रशासन के इस कदम पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि वर्षों पहले न्यायालय में मामला जाने पर प्रशासन ने ही कहा था कि पट्टे की आवश्यकता नहीं है और वे कृषि कार्य कर जीवन यापन कर सकते हैं। यदि पहले सूचित किया जाता तो वे फसल की बुआई नहीं करते। अब जब पैसा लग चुका है, तब उन्हें उजाड़ने की तैयारी है। बुजुर्ग कृषक सुरुज बाई ने भावुक होकर कहा कि यह उनकी तीसरी पीढ़ी है जो यहां खेती कर रही है, और ऐसे अचानक आदेश उनकी समझ से परे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed