{"_id":"6996e7a9ea41cad1ad0f99ac","slug":"after-engagement-you-will-not-be-able-to-talk-privately-with-your-fiance-a-community-in-chhattisgarh-has-taken-a-shocking-decision-mobile-phones-are-breaking-relationships-balod-news-c-1-1-noi1492-3968769-2026-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balod: सगाई के बाद मंगेतर से नहीं कर पाएंगे बात, सेन समाज ने लिया फैसला, टूटते रिश्तों को बचाने की पहल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balod: सगाई के बाद मंगेतर से नहीं कर पाएंगे बात, सेन समाज ने लिया फैसला, टूटते रिश्तों को बचाने की पहल
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद
Published by: बालोद ब्यूरो
Updated Thu, 19 Feb 2026 05:25 PM IST
विज्ञापन
सार
छत्तीसगढ़ के बालोद जिला सेन समाज ने बदलते सामाजिक परिवेश में टूटते रिश्तों को बचाने की पहल की है। समाज ने सर्वसम्मति से सगाई के बाद मंगेतरों के बीच निजी बातचीत पर प्रतिबंध लगाया है।
सगाई के बाद मंगेतर से नहीं कर पाएंगे प्राइवेट बात, छत्तीसगढ़ के एक समाज ने लिया चौंकाने वाला फै
विज्ञापन
विस्तार
छत्तीसगढ़ के बालोद जिला सेन समाज ने बदलते सामाजिक परिवेश में टूटते रिश्तों को बचाने की पहल की है। समाज ने सर्वसम्मति से सगाई के बाद मंगेतरों के बीच निजी बातचीत पर प्रतिबंध लगाया है। यह फैसला आधुनिकता के दौर में मोबाइल से टूटते परिवारों को देखते हुए लिया गया है।
Trending Videos
अब सगाई के बाद या विवाह से पहले मंगेतर चुपके से बात नहीं करेंगे। बातचीत केवल परिवार के सदस्यों के बीच होगी या फिर बिल्कुल नहीं होगी। समाज ने धर्मांतरण को लेकर भी कड़ा नियम बनाया है। यदि कोई हिंदू समाज को छोड़ अन्य धर्म अपनाता है, तो उसके साथ पारिवारिक रिश्ता नहीं रखा जाएगा। जिलाध्यक्ष संतोष कौशिक ने बताया कि मोबाइल की घंटों बातचीत से जन्मों तक बनने वाला रिश्ता टूट जाता है। उन्होंने रिश्तों में मर्यादा को आवश्यक बताया। मीडिया प्रभारी उमेश कुमार सेन ने प्लास्टिक के बहिष्कार की बात कही। उन्होंने पत्तों से बनी थाली में सार्वजनिक भोजन की वापसी का भी उल्लेख किया। साहू समाज ने भी पहले प्री-वेडिंग शूट पर प्रतिबंध लगाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मोबाइल और रिश्तों में टकराव
कुछ वर्षों से सगाई में तोहफे के रूप में मोबाइल देने का चलन बढ़ा है। इसके बाद घंटों बात करने से निजी जिंदगी की ऐसी बातें साझा होती हैं, जो बाद में तनाव का कारण बनती हैं। इन्हीं कारणों से कई रिश्ते सगाई से शुरू होकर भी विवाह तक नहीं पहुंच पाते हैं। सेन समाज ने मोबाइल को रिश्तों में टकराव की मुख्य जड़ माना है।
समाज के अन्य नियम और प्रतिक्रिया
समाज ने पुराने समय की तरह पत्तों से बनी थाली में सार्वजनिक भोजन को फिर से लागू करने का फैसला किया है। प्लास्टिक का समाज पूरी तरह बहिष्कार करेगा। समाज की जागरूक युवती दीक्षा सेन ने बताया कि सगाई के बाद शादी होने तक मोबाइल में बात न करने का निर्णय काफी अच्छा है। उन्होंने कहा कि बात करते-करते अतीत और घर परिवार की ऐसी बातें साझा हो जाती हैं, जो नहीं करनी चाहिए।