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बालोद: पूर्व विधायक जनकलाल और किसान संघ ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, 9 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद
Published by: बालोद ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jan 2026 04:49 PM IST
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सार
बालोद जिले के लोहारा क्षेत्र में किसानों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। खरखरा जलाशय की ऊंचाई बढ़ाने के सरकारी प्रोजेक्ट और धान खरीदी में व्याप्त अव्यवस्थाओं के खिलाफ छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा और जिला किसान संघ ने विशाल रैली निकालकर बाजार चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया।
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विस्तार
बालोद जिले के लोहारा क्षेत्र में किसानों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। खरखरा जलाशय की ऊंचाई बढ़ाने के सरकारी प्रोजेक्ट और धान खरीदी में व्याप्त अव्यवस्थाओं के खिलाफ छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा और जिला किसान संघ ने विशाल रैली निकालकर बाजार चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसानों की जमीनें डूबती हैं और उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
'डूबान का जिम्मेदार कौन?' - बांध प्रोजेक्ट का कड़ा विरोध
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला किसान संघ के अध्यक्ष गैंद सिंह ठाकुर ने कहा कि 100 करोड़ की लागत से खरखरा जलाशय की ऊंचाई 6 फीट बढ़ाई जा रही है। इससे करीब एक दर्जन गांव डूबान की चपेट में आ जाएंगे। उन्होंने पुराने घावों को कुरेदते हुए कहा, जब बांध बना था, तब भी किसानों को न मुआवजा मिला और न नौकरी। अब फिर से सैकड़ों किसानों को बेघर करने की तैयारी है। जब तक विस्थापन और मुआवजे की ठोस नीति नहीं बनती, यह प्रोजेक्ट रद्द होना चाहिए।
धान खरीदी और भ्रष्टाचार पर सरकार को घेरा
पूर्व विधायक और मुक्ति मोर्चा नेता जनक लाल ठाकुर ने सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि धान खरीदी की ऑनलाइन प्रक्रिया ने भ्रष्टाचार को जन्म दिया है। ठाकुर ने सवाल उठाया, प्रदेश में अरबों का धान घोटाला हो रहा है, 700 ट्रक धान कहां गायब हो गए, इसका जवाब सरकार के पास नहीं है। किसान टोकन के लिए भटक रहा है और बेमौसम बारिश की मार झेल रहे किसानों को कोई राहत नहीं मिल रही है।
प्रमुख मांगें:
प्रदर्शन के दौरान ग्राम माटरी और भंवरमरा के बांधों की जर्जर स्थिति का मुद्दा भी उठा। किसानों ने बताया कि बांध से पानी का सीपेज होकर खेतों में जा रहा है, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं। उन्होंने मांग की कि नए प्रोजेक्ट लाने के बजाय सरकार पुराने और जर्जर बांधों की मरम्मत पर ध्यान दे।
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'डूबान का जिम्मेदार कौन?' - बांध प्रोजेक्ट का कड़ा विरोध
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला किसान संघ के अध्यक्ष गैंद सिंह ठाकुर ने कहा कि 100 करोड़ की लागत से खरखरा जलाशय की ऊंचाई 6 फीट बढ़ाई जा रही है। इससे करीब एक दर्जन गांव डूबान की चपेट में आ जाएंगे। उन्होंने पुराने घावों को कुरेदते हुए कहा, जब बांध बना था, तब भी किसानों को न मुआवजा मिला और न नौकरी। अब फिर से सैकड़ों किसानों को बेघर करने की तैयारी है। जब तक विस्थापन और मुआवजे की ठोस नीति नहीं बनती, यह प्रोजेक्ट रद्द होना चाहिए।
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धान खरीदी और भ्रष्टाचार पर सरकार को घेरा
पूर्व विधायक और मुक्ति मोर्चा नेता जनक लाल ठाकुर ने सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि धान खरीदी की ऑनलाइन प्रक्रिया ने भ्रष्टाचार को जन्म दिया है। ठाकुर ने सवाल उठाया, प्रदेश में अरबों का धान घोटाला हो रहा है, 700 ट्रक धान कहां गायब हो गए, इसका जवाब सरकार के पास नहीं है। किसान टोकन के लिए भटक रहा है और बेमौसम बारिश की मार झेल रहे किसानों को कोई राहत नहीं मिल रही है।
प्रमुख मांगें:
- बांध योजना रद्द हो: खरखरा बांध की ऊंचाई बढ़ाने का फैसला तुरंत वापस लिया जाए।
- ऑनलाइन टोकन बंद हो: धान खरीदी के लिए पुरानी ऑफलाइन टोकन व्यवस्था बहाल की जाए।
- टैक्स और मीटर का विरोध: गांवों में संपत्ति कर की वसूली बंद हो और स्मार्ट मीटर की योजना वापस ली जाए।
- भूमि रजिस्ट्री: बढ़ी हुई रजिस्ट्री दरों को घटाकर पुरानी दरें लागू की जाएं।
- राइस मिल जांच: ग्राम कोटेरा में राइस मिल के नाम पर जरूरत से ज्यादा (40 एकड़) जमीन अधिग्रहित करने की जांच हो।
प्रदर्शन के दौरान ग्राम माटरी और भंवरमरा के बांधों की जर्जर स्थिति का मुद्दा भी उठा। किसानों ने बताया कि बांध से पानी का सीपेज होकर खेतों में जा रहा है, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं। उन्होंने मांग की कि नए प्रोजेक्ट लाने के बजाय सरकार पुराने और जर्जर बांधों की मरम्मत पर ध्यान दे।