{"_id":"680ba22c76fdb59d680697e5","slug":"safety-seminar-organized-at-bhatapara-station-2025-04-25","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Chhattisgarh: भाटापारा स्टेशन में संरक्षा संगोष्ठी का आयोजन, सुरक्षित ट्रेन संचालन पर हुआ मंथन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chhattisgarh: भाटापारा स्टेशन में संरक्षा संगोष्ठी का आयोजन, सुरक्षित ट्रेन संचालन पर हुआ मंथन
अमर उजाला नेटवर्क, भाटापारा
Published by: अनुज कुमार
Updated Fri, 25 Apr 2025 08:24 PM IST
विज्ञापन
सार
भाटापारा स्टेशन में संरक्षा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जहां पर सुरक्षित ट्रेन संचालन पर मंथन हुआ। कर्मचारियों को जागरूक किया गया।
भाटापारा स्टेशन में संरक्षा संगोष्ठी का आयोजन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल द्वारा भाटापारा स्टेशन में संरक्षा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का उद्देश्य ट्रेनों के सुरक्षित संचालन हेतु कर्मचारियों को जागरूक करना और संरक्षा नियमों की जानकारी देना था।
Trending Videos
रेल मंडल के संरक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस संगोष्ठी में शंटिंग कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां, जी. एंड एस. आर. नियम 6.07 (6.07.01 से 6.07.05), एसपीएडी (SPAD) से बचाव, ऑटोमेटिक सिग्नलिंग फेल होने की स्थिति में आवश्यक प्रक्रियाएं, रिले रूम में कार्य करते समय सतर्कता, साइडिंग एवं स्टेशन से गाड़ी क्लियर करते समय की जाने वाली जांच, हाल की रेल दुर्घटनाओं का विश्लेषण, प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स और अग्निशामक यंत्र का प्रदर्शन, एवं संरक्षा के क्षेत्र में हिंदी भाषा की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस अवसर पर मंडल राजभाषा अधिकारी निकेश कुमार पांडेय, सहायक मंडल यांत्रिक अभियंता बी. सिवारे, मुख्य स्टेशन प्रबंधक अजय कुमार एवं अन्य संरक्षा सलाहकारों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पांडेय ने अपने संबोधन में ट्रेन संचालन में सरल और प्रभावी हिंदी के उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया और बताया कि हिंदी के प्रयोग से कर्मचारियों को संरक्षा नियमों को समझना और पालन करना सरल होता है।
रायपुर मंडल के संरक्षा संगठन द्वारा हर महीने दो संरक्षा संगोष्ठियों का आयोजन विभिन्न स्टेशनों पर किया जाता है, जिससे कर्मचारियों में संरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके। इस बार की संगोष्ठी में संरक्षा सलाहकारों, सुपरवाइजरों और फील्ड कर्मचारियों सहित कुल 64 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
संरक्षा संगोष्ठी ने न केवल कर्मचारियों को जागरूक किया, बल्कि उन्हें व्यवहारिक प्रशिक्षण और संरक्षा नियमों की गहराई से जानकारी भी प्रदान की।