{"_id":"69db408632de68d6b70942ff","slug":"banda-voter-list-scam-same-voter-listed-5-times-hindu-muslim-mix-up-sparks-election-controversy-2026-04-12","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: अंजना के घर शेखू खान, एक मतदाता के पांच बार नाम, हिंदू मुस्लिम का एक मकान; फाइनल वोटर लिस्ट में भी गड़बड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: अंजना के घर शेखू खान, एक मतदाता के पांच बार नाम, हिंदू मुस्लिम का एक मकान; फाइनल वोटर लिस्ट में भी गड़बड़ी
अमर उजाला नेटवर्क, बांदा
Published by: Sharukh Khan
Updated Sun, 12 Apr 2026 12:43 PM IST
विज्ञापन
सार
बांदा जनपद में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने से आगामी चुनावों के समीकरणों पर असर पड़ने की आशंका है। बांदा में फाइनल वोटर लिस्ट में भी अंधेरगर्दी देखने को मिली है। निर्वाचन आयोग की फिर किरकिरी हुई है।
Banda Voter List Scam
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन
विस्तार
बांदा में एसआईआर के बाद जनवरी में जारी की गई कच्ची (ड्राफ्ट) मतदाता सूची में सामने आईं तमाम गड़बड़ियों को उजागर किए जाने का कोई नतीजा नहीं निकला। माना जा रहा था कि निर्वाचन विभाग अपनी हुई इस फजीहत को अंतिम सूची में दुरुस्त कर लेगा लेकिन यह गलतफहमी साबित हुई।
अब जारी हुई अंतिम सूची में भी वैसी ही तमाम अंधेरगर्दी की भरमार है। मतदाताओं की संख्या बढ़ाने को एक ही मतदाता का नाम उसी भाग संख्या (वार्ड) में पांच बार दर्ज करने का हथकंडा अपनाया गया है।
हिंदू परिवार के साथ मुस्लिम और मुस्लिम के घर हिंदू मतदाता के नाम दर्ज कर दिए जाने की गलती भी बरकरार है। तमाम मकानों को कोई नंबर न देकर उन्हें शून्य की संख्या दिए जाने की पिछली गलती फिर दोहरा दी गई।
Trending Videos
अब जारी हुई अंतिम सूची में भी वैसी ही तमाम अंधेरगर्दी की भरमार है। मतदाताओं की संख्या बढ़ाने को एक ही मतदाता का नाम उसी भाग संख्या (वार्ड) में पांच बार दर्ज करने का हथकंडा अपनाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हिंदू परिवार के साथ मुस्लिम और मुस्लिम के घर हिंदू मतदाता के नाम दर्ज कर दिए जाने की गलती भी बरकरार है। तमाम मकानों को कोई नंबर न देकर उन्हें शून्य की संख्या दिए जाने की पिछली गलती फिर दोहरा दी गई।
ड्राफ्ट सूची प्रकाशन के बाद मीडिया और मतदाताओं द्वारा तमाम गड़बड़ियों को उजागर किया गया था। उम्मीद थी कि अंतिम सूची इन्हें सुधार कर जारी होगी पर निर्वाचन विभाग इस उम्मीद पर खरा नहीं उतरा।
अंतिम सूची में भी यह गड़बड़ियां
शहर के भाग संख्या- 90 (अलीगंज पूर्वी) में मतदाता रानी सिंह पत्नी भीम सिंह का नाम क्रमांक 787, 792, 793, 794, और 795 पर अलग-अलग मकान दिखाकर पांच बार दर्ज किया गया है। दो मकानों में नंबर हैं और तीन घरों में नंबर के बजाय अलीगंज लिखा हुआ है।
शहर के भाग संख्या- 90 (अलीगंज पूर्वी) में मतदाता रानी सिंह पत्नी भीम सिंह का नाम क्रमांक 787, 792, 793, 794, और 795 पर अलग-अलग मकान दिखाकर पांच बार दर्ज किया गया है। दो मकानों में नंबर हैं और तीन घरों में नंबर के बजाय अलीगंज लिखा हुआ है।
इसी भाग की सूची में मकान नंबर 168 में पड़ोसी हिंदू
मुस्लिम मतदाताओं को एक ही घर में रहना दिखाया गया है। इस मकान के रहने वाले नईम अहमद, शमा परवीन, अलीम आदि के साथ राजेश कुशवाहा, बबलू कुशवाहा व रचना कुशवाहा के नाम जोड़ दिए गए हैं। इसी तरह भाग - 124 (मर्दन नाका पूर्वी ) में विनय कुमार के मकान नंबर 389 में नुसरत सिद्दीकी को शामिल कर दिया गया है।
मुस्लिम मतदाताओं को एक ही घर में रहना दिखाया गया है। इस मकान के रहने वाले नईम अहमद, शमा परवीन, अलीम आदि के साथ राजेश कुशवाहा, बबलू कुशवाहा व रचना कुशवाहा के नाम जोड़ दिए गए हैं। इसी तरह भाग - 124 (मर्दन नाका पूर्वी ) में विनय कुमार के मकान नंबर 389 में नुसरत सिद्दीकी को शामिल कर दिया गया है।
भाग संख्या- 122 की सूची के पहले पांच मकानों को कोई नंबर न देकर शून्य लिखा गया है। पहला नाम विनोद कुमार ढंढारिया का है। इसके अगले चार मकान मदन गोपाल, मो. उमर, विभू सोनी और शुभम रैकवार के हैं।
अंजना दुबे के घर शेखू खान का नाम
एसआईआर में मतदाता सूची शुद्धीकरण का दावा किया गया था लेकिन जारी अंतिम मतदाता सूची खामियों से भरी है। अकबरपुर-रनियां विधानसभा में बूथ संख्या 114 में अंजना दुबे के घर में सपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नेता शेखू खान का नाम है।
एसआईआर में मतदाता सूची शुद्धीकरण का दावा किया गया था लेकिन जारी अंतिम मतदाता सूची खामियों से भरी है। अकबरपुर-रनियां विधानसभा में बूथ संख्या 114 में अंजना दुबे के घर में सपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नेता शेखू खान का नाम है।
इतना ही नहीं शेखू खान की भाभी और भाई का नाम भी इसी घर में दर्ज है। शेखू खान कहते हैं कि मतदाता सूची में खुद का और परिजनों का नाम देखा जरूर है, लेकिन किसी और के घर में नाम दर्ज होने पर गौर नहीं किया। खामी दुरुस्त कराई जाए इसकी पहल करेंगे।
सदर विधानसभा में सर्वाधिक नाम निकले, जलशक्ति मंत्री के क्षेत्र में सबसे कम कटौती
बांदा जनपद में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने से आगामी चुनावों के समीकरणों पर असर पड़ने की आशंका है। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के बाद जिले से कुल 1.19 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जो 2022 के विधानसभा चुनावों में विजयी विधायकों के जीत के अंतर से कई गुना अधिक है।
बांदा जनपद में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने से आगामी चुनावों के समीकरणों पर असर पड़ने की आशंका है। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के बाद जिले से कुल 1.19 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जो 2022 के विधानसभा चुनावों में विजयी विधायकों के जीत के अंतर से कई गुना अधिक है।
बबेरू में विधायक विशंभर यादव के क्षेत्र से 32,299 मतदाताओं के नाम काटे गए, जबकि तिंदवारी राज्यमंत्री रामकेश निषाद के क्षेत्र से सबसे कम 16,358 नाम हटाए गए। प्रशासन ने इन कटौतियों का कारण दोहरे और गैर-निवासी मतदाताओं को सूची से हटाना बताया है।
हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदाताओं की संख्या में इतनी बड़ी कमी आगामी चुनावों के परिणामों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकती है, खासकर भाजपा के गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों में। पुनरीक्षण से पहले जिले में 13.49 लाख मतदाता थे, जो अब घटकर 12.29 लाख रह गए हैं।
अभियान के दौरान 1.75 लाख मतदाता संदेहास्पद पाए गए थे, जिनमें से 63,286 ने स्वयं को साबित किया और उन्हें सूची में जोड़ा गया। उप जिला निर्वाचन अधिकारी कुमार धर्मेंद्र ने बताया कि यह सूची सभी मतदेय स्थलों पर एक सप्ताह तक उपलब्ध रहेगी।
विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता संख्या में आए बदलाव इस प्रकार हैं:
विधानसभा क्षेत्र पुनरीक्षण पूर्व मतदाता संख्या पुनरीक्षण उपरांत मतदाता संख्या मतदाताओं में कमी
विधानसभा क्षेत्र पुनरीक्षण पूर्व मतदाता संख्या पुनरीक्षण उपरांत मतदाता संख्या मतदाताओं में कमी
| क्र० सं० | विधानसभा क्षेत्र | कुल जनसंख्या | पुरुष जनसंख्या | महिला जनसंख्या |
|---|---|---|---|---|
| 1 | बांदा सदर | 3,19,000 | 2,81,000 | 37,705 |
| 2 | नरैनी | 3,55,000 | 3,22,000 | 33,272 |
| 3 | बबेरू | 3,47,000 | 3,15,000 | 32,299 |
| 4 | तिंदवारी | 3,26,000 | 3,10,000 | 16,358 |
कुल मतदाता घटे, महिला मतदाता बढ़े
बांदा जिले में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान के बाद कुल मतदाताओं की संख्या में कमी आई है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। इस अभियान के दौरान 63286 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए, वहीं 7499 नाम सूची से हटाए गए और 30169 मतदाता मृतक पाए गए। उप जिला निर्वाचन अधिकारी कुमार धर्मेंद्र ने बताया कि यह सूची एक सप्ताह तक सभी मतदेय स्थलों पर उपलब्ध रहेगी।
बांदा जिले में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान के बाद कुल मतदाताओं की संख्या में कमी आई है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। इस अभियान के दौरान 63286 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए, वहीं 7499 नाम सूची से हटाए गए और 30169 मतदाता मृतक पाए गए। उप जिला निर्वाचन अधिकारी कुमार धर्मेंद्र ने बताया कि यह सूची एक सप्ताह तक सभी मतदेय स्थलों पर उपलब्ध रहेगी।
नरैनी विधानसभा सीट पर कुल मतदाता 3.22 लाख हो गए हैं, जो पहले 3.55 लाख थे, यानी 33272 मतदाताओं की कमी आई है। यहां 10 थर्ड जेंडर मतदाता पंजीकृत हैं और 45329 मतदाता संदिग्ध पाए गए थे।
सदर विधानसभा क्षेत्र में भी मतदाताओं की संख्या 3.19 लाख से घटकर 2.81 लाख हो गई है, जिसमें 37705 नाम काटे गए और 54101 संदिग्ध पाए गए। हालांकि, विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत सदर में 9429 महिला, 9536 पुरुष और एक अन्य मतदाता नए जोड़े गए हैं।