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कहां गया 2420 बोरा धान?: बेमेतरा के धान उपार्जन केंद्र में बड़ी गड़बड़ी, तीन कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज
अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतरा
Published by: बेमेतरा ब्यूरो
Updated Sat, 28 Mar 2026 05:36 PM IST
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सार
बेमेतरा जिले में संयुक्त जांच के दौरान 2420 बोरा धान कम पाया गया है। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक और सहकारिता विभाग की जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसमें वित्तीय गड़बड़ी का मामला उजागर हुआ।
पुलिस थाना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिले के धान उपार्जन केंद्र में एक बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। ग्राम बिटकुली उपार्जन केंद्र में जांच के दौरान दो हजार चार सौ बीस बोरा धान कम पाया गया है। इस गंभीर मामले में जिम्मेदार अधिकारियों ने तीन कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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मिली जानकारी के अनुसार, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक और सहकारिता विभाग की संयुक्त जांच में कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं। जांच दल को केंद्र में मानक गुणवत्ता का धान भी नहीं मिला। भौतिक सत्यापन के दौरान दो हजार चार सौ बीस बोरा धान गायब पाया गया। जांच अधिकारियों ने इसे अमानत में खयानत और वित्तीय गड़बड़ी का गंभीर मामला माना है।
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इस मामले में शिकायत के बाद पुलिस थाना चंदनू में अपराध दर्ज किया गया। उपार्जन केंद्र बिटकुली के प्रभारी रामनारायण साहू को आरोपी बनाया गया है। वित्तीय प्रभारी शैलेंद्र कोशले और तत्कालीन सहायक समिति प्रबंधक जिनेन्द्र कुमार भी इसमें शामिल हैं। इन तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत अपराध दर्ज हुए हैं। यह कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देश पर की गई है।
यह कार्रवाई उप आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक, बेमेतरा के निर्देश पर की गई है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग के नोडल अधिकारी ने भी इस संबंध में निर्देश जारी किए थे। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कदम उठाया। इसका उद्देश्य उपार्जन केंद्रों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए सख्त निगरानी की जाएगी।
यह मामला सिर्फ एक केंद्र तक सीमित नहीं हो सकता है। जिले के अन्य धान उपार्जन केंद्रों में भी इसी तरह की गड़बड़ियों की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन अब इन सभी केंद्रों की गहन जांच करने की तैयारी में है। ताकि पूरे जिले में धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जा सके। यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसानों को उनका सही हक मिले।