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Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Bhupendra from Sarangarh had gone to Jammu and Kashmir in search of work, was killed in a terrorist attack

घर का अकेला सहारा था भूपेंद्र: मासूम बेटा, दादी और बहन को छोड़कर पत्नी संग गया था कमाने, आतंकी हमले में मौत

Sat, 01 Aug 2026 01:37 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, सारंगढ़-बिलाईगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, सारंगढ़-बिलाईगढ़ Published by: अमन कोशले Updated Sat, 01 Aug 2026 01:37 PM IST
सार

यह हमला सिर्फ दो मजदूरों की हत्या नहीं, बल्कि उन मासूम बच्चों के भविष्य पर भी हमला है, जिनके पिता अब कभी घर नहीं लौटेंगे। किसी ने अपने दो साल के बेटे का सहारा खो दिया, तो किसी एक साल के बच्चे के सिर से पिता का साया उठ गया।

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Bhupendra from Sarangarh had gone to Jammu and Kashmir in search of work, was killed in a terrorist attack
मृतक भूपेंद्र भैना की मासूम बेटा और नाबालिग बहन की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गरीबी से लड़ने और अपने परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाने निकले छत्तीसगढ़ के दो मजदूर अब कभी घर लौटकर अपने बच्चों को गले नहीं लगा पाएंगे। घर की गरीबी दूर करने और परिवार का भविष्य संवारने के लिए हजारों किलोमीटर दूर जम्मू-कश्मीर गए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छुईहा गांव निवासी भूपेंद्र भैना को शायद अंदाजा भी नहीं था कि जिस धरती पर वह मेहनत की रोटी कमाने पहुंचा है, वहीं आतंकियों की गोलियां उसकी जिंदगी छीन लेंगी। 
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जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम हुए आतंकी हमले में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छुईहा गांव निवासी भूपेंद्र भैना की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में मातम छा गया और हर आंख नम हो गई।
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28 साल के भूपेंद्र भैना तीन महीने पहले अपनी पत्नी के साथ केंद्र शासित प्रदेश में एक ईंट भट्टे पर काम करने के लिए अपने गांव छुईया से निकले थे। सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने कहा कि दंपति ने अपने चार साल के बेटे को भूपेंद्र की दादी और नाबालिग बहन की देखभाल में छोड़ दिया था, जबकि उसके माता-पिता और भाई हिमाचल प्रदेश में मजदूरी करने गए हुए थे। उन्होंने कहा कि अधिकारी सुबह करीब 2 बजे भूपेंद्र के घर यह दुखद खबर देने पहुंचे। लेकिन, इस नाजुक समय को देखते हुए, पुलिस ने उसकी बूढ़ी दादी और छोटी बहन को तुरंत बताने के बजाय हिमाचल प्रदेश में उसके पिता से संपर्क किया।
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उन्होंने कहा कि लोकल अधिकारी उसके शव को वापस लाने के लिए सभी ज़रूरी मदद के लिए पुलिस और J&K प्रशासन के साथ कोऑर्डिनेट कर रहे हैं। शनिवार सुबह अपने भाई की मौत से अनजान, भूपेंद्र की बहन ने रिपोर्टर्स को बताया कि वह कश्मीर सिर्फ़ इसलिए गया था क्योंकि परिवार को ज़रूरी चीज़ें जुटाने में मुश्किल हो रही थी।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने मौतों पर दुख जताया और "कायरतापूर्ण आतंकी हमले" में दो मज़दूरों की हत्या को बहुत दर्दनाक बताया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को ज़रूरी निर्देश दिए गए हैं और भरोसा दिलाया कि छत्तीसगढ़ सरकार दुखी परिवारों के साथ मज़बूती से खड़ी है और हर मुमकिन मदद करेगी।
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