Bijapur : कांग्रेस का बीजेपी पर हमला, बोली- भाजपा सरकार के संरक्षण में हो रही अफीम की खेती
दुर्ग के समोदा गांव में एक खुलासा हुआ कि वहां पर एक फार्म हाउस के अंदर लगभग 10 एकड़ में अफीम की खेती हो रही थी। यह अफीम की खेती भाजपा नेता विनायक ताम्रकार करवा रहा था।
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दुर्ग के समोदा गांव में एक खुलासा हुआ कि वहां पर एक फार्म हाउस के अंदर लगभग 10 एकड़ में अफीम की खेती हो रही थी। यह अफीम की खेती भाजपा नेता विनायक ताम्रकार करवा रहा था। विनायक ताम्रकर भाजपा के दुर्ग जिले का किसान मोर्चा का पूर्व अध्यक्ष है तथा वर्तमान में वह भाजपा के राईस मिल प्रसंस्करण प्रकल्प का प्रदेश संयोजक है। भाजपा के सभी कार्यक्रमों में उसकी महत्वपूर्ण और सक्रिय भागीदारी रहती है। वह भाजपा का स्थापित नेता और प्रदेश पदाधिकारी है। उक्त बातें जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर के जिला अध्यक्ष लालू राठौर ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही है।
लालू राठौर ने आगे कहा कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह, तोखन साहू, गृह मंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद विजय बघेल, भाजपा के राष्ट्रीय नेता अजय जामवाल, शिवप्रकाश सहित अनेकों नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया में है। बिना सरकार के संरक्षण के कोई अफीम की खेती खुलेआम करे यह संभव नहीं है। भाजपा जब से सरकार में आई जुआ, सट्टा, शराब की तस्करी बढ़ गयी, नशे का कारोबार बढ़ गया, सत्ता में बैठे लोग इसको संरक्षण देते है।
दुर्ग के समोदा गांव में भाजपा नेता द्वारा अफीम की खेती करने के खुलासे के बाद घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेकर गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए लालू राठौरे ने आगे कहा भाजपा के राज में छत्तीसगढ़ नशे के मामले में पंजाब, गुजरात और पश्चिम बंगाल को पीछे छोड़ चुका है। उन्होंने आगे कहा शहरों के आउटर के कैफे तो युवाओं को नशा परोसने का केंद्र बन चुके है। पुलिस इसको रोकने के बजाय सहयोगी बनी हुई है। कांग्रेस की सरकार थी तब वर्षों से चल रहे हुक्काबारो को बंद करवाया था, राज्य में सूखे नशे के कारोबार को पूरी तरह समाप्त किया गया था। भाजपा की सरकार बनने के बाद एक बार फिर से नशे का कारोबार शुरू हो गया है। सरकार नशे के कारोबार पर रोक लगाने में विफल साबित हो रही है। पूरे प्रदेश में युवा नशे की गिरफ्त में जा रहे है। सरकार और पुलिस की मिलीभगत के कारण ही प्रदेश के युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे है। पिछले दो साल में शराब, गांजा, अफीम, हिरोईन जैसे नशों के कारण प्रदेश की युवा पीढ़ी में नशे की लत महामारी का रूप ले चुकी है। चंद पैसों के लिए सत्तासीन लोग नशे के बढ़ते कारोबार को रोकने के बजाय संरक्षण दे रहे है।
लालू राठौर ने कहा “बिना सत्ता के संरक्षण के ड्रग राजधानी में खुलेआम नहीं बिक सकता, राज्य में भाजपा की 2 साल से सरकार है। कौन सत्ताधीश इसके पीछे है इसका भी खुलासा होना चाहिए? पूरे प्रदेश में अवैध नशे के कारोबार को संरक्षण, भाजपा की सरकार में मिल रहा है। नशीली दवाएं, प्रतिबंधित गोलियां, अवैध सूखा नशा गली मोहल्ले में निर्बाध बिक रही है, नाबालिक बच्चों तक पहुंचाई जा रही है पिछले 13 महीना के दौरान 2599 प्रकरण नारकोटिक्स के दर्ज हुए जो ज्यादातर सोशल मीडिया के माध्यम से उजागर हुए हैं, सरकार का इंटेलिजेंस और प्रशासन मौन हैं। कार्यवाही के नाम पर केवल लीपापोती की जा रही है।
लालू राठौर ने कहा 10 से 17 साल के लाखों नाबालिक बच्चे सूखे नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं, सैकड़ों मौत हो चुकी है लेकिन यह सरकार सोई हुई है।गुजरात का मुद्रा पोर्ट पूरे देश में अवैध नशे की कारोबार का प्रमुख केंद्र बना है जहां से अफगानिस्तान पाकिस्तान से होकर ड्रग्स छत्तीसगढ़ तक पहुंच रहा है, भाजपा की सरकारों में साहस नहीं है कि वह अडानी के मुद्रा पोर्ट पर कार्यवाही कर सके।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर ने आगे कहा प्रदेश में अवैध नशे के तस्कर, कोचिंये और बिचौलियों को संरक्षण देते देते भाजपाई अब अफीम की खेती तक उतर आए हैं, कमल खिलाने का दावा करने वाले भाजपाई अफीम के पौधे उगाने लगे हैं। ड्रग पेडलरों पर कार्यवाही के नाम पर केवल टेरर फंडिंग वसूली जा रही है नव्या मलिक और फर्जी आईबी अधिकारी के मामले में यह सरकार सैकडों ड्रग पेडलरों के नाम छुपा रही है, विधानसभा के सवाल पर भी जवाब नहीं दिया गया। लालू राठौर ने कहा छत्तीसगढ़ में नशाखोरी का अमृतकाल चल रहा है, भाजपाई अवैध नशे की खेती में आत्मनिर्भर बन रहे हैं, छत्तीसगढ़ को नशे की गर्त में डुबाने का षडयंत्र सत्ता के संरक्षण में रचा गया है।