बीजापुर जिले के थाना जांगला क्षेत्र अंतर्गत जैगुर-डोडुम इलाके में इन्द्रावती नदी क्षेत्र में माओवादियों की उपस्थिति की विशिष्ट सूचना पर संयुक्त सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। अभियान के दौरान गुरुवार सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो वर्दीधारी माओवादी कैडर मारे गए। घटनास्थल से एसएलआर रायफल, इंसास रायफल, 12 बोर बंदूक सहित भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक एवं नक्सली सामग्री बरामद की गई है।
पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि भैरमगढ़ एरिया कमेटी के सशस्त्र माओवादी कैडरों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर 25 फरवरी 2026 की शाम डीआरजी टीम द्वारा सर्च ऑपरेशन प्रारंभ किया गया था। 26 फरवरी की सुबह लगभग 6 बजे से डीआरजी जवानों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ होती रही।
फायरिंग के बाद जब क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया गया तो मुठभेड़ स्थल से दो वर्दीधारी माओवादी कैडरों के शव बरामद किए गए। प्रारंभिक पहचान के अनुसार मारे गए माओवादियों में एसीएम हिचामी मडडा, सदस्य भैरमगढ़ एरिया कमेटी (घोषित इनाम 5 लाख) और एसीएम मनकी पोडियम, सदस्य भैरमगढ़ एरिया कमेटी (घोषित इनाम 5 लाख)
शामिल हैं।
01 नग एसएलआर रायफल, 03 मैगजीन, 55 राउंड
01 नग इंसास रायफल, 03 मैगजीन, 19 राउंड
01 नग 12 बोर बंदूक, 02 सेल
02 हैंड ग्रेनेड, 02 देशी हैंड ग्रेनेड
डेटोनेटर, स्कैनर बैटरी, मैकेनिज्म, दवाइयाँ, पाउच एवं अन्य नक्सली सामग्री बरामद की गई है।
क्षेत्र में डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, एसटीएफ, सीआरपीएफ एवं कोबरा की संयुक्त टीमों द्वारा व्यापक सर्च अभियान जारी है। पुलिस अधीक्षक डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस एवं सुरक्षा बल क्षेत्र की जनता के जान-माल की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। वहीं पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज, श्री सुन्दरराज पट्टलिंगम ने कहा कि पूर्व में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादी कैडरों की तरह शेष सक्रिय कैडरों को भी हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार आत्मसमर्पित कैडरों के पुनर्वास और शांतिपूर्ण जीवन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
