रीवा और सीधी जिलों में होली को लेकर उत्साह चरम पर है। बाजारों में अबीर-गुलाल, पिचकारी और रंगों की खरीदारी तेज हो चुकी है। इसी बीच ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर पंडितों ने होली के मुहूर्त को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिससे लोगों के बीच तिथि और समय को लेकर बनी असमंजस की स्थिति काफी हद तक साफ हो गई है।
ज्योतिषाचार्य पंडित विनय प्रसाद शास्त्री ने बताया कि इस वर्ष होली खेलने का शुभ समय 3 मार्च की शाम 6:48 के बाद ही माना जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि होलिका दहन से जुड़ी पूर्णिमा तिथि 2 मार्च की रात 12:50 बजे तक प्रभावी रहेगी, जो 2 मार्च की शाम 6:00 बजे से प्रारंभ होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार “ॐ होलिकायै नमः” मंत्र के जप के साथ विधिवत होलिका दहन करना शुभ फलदायी रहेगा।
पंडित शास्त्री ने आगे कहा कि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण का सूतक सुबह 9:18 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। ग्रहण का दृश्य प्रभाव शाम 6:00 बजे से दिखेगा और इसका मोक्ष 6:48 बजे तक होगा। सूतक काल और ग्रहण अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य या उत्सव से बचना चाहिए। यही कारण है कि रंग-अबीर और गुलाल का प्रयोग ग्रहण मोक्ष के बाद ही पावन माना जाएगा। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से यह समय विशेष सावधानी का संकेत देता है। पंडित शास्त्री के अनुसार, “ग्रहण समाप्ति के बाद ही रंगोत्सव करना धार्मिक दृष्टि से उचित है। इसलिए अधिकांश लोग 3 मार्च की रात के बजाय अगले दिन, यानी 4 मार्च को होली खेलना अधिक शुभ मानेंगे।”
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रीवा जिले में भी लोगों के बीच इस विषय को लेकर चर्चा जोरों पर है। रीवा से सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र बेस ने बताया कि शहर और ग्रामीण अंचलों में लोग परंपराओं का पालन करते हुए त्योहार मनाने के प्रति सजग हैं। उन्होंने कहा, “होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का त्योहार है। मुहूर्त को लेकर मिली स्पष्टता से लोगों को आयोजन में सहूलियत होगी।”
उधर सीधी जिला में भी त्योहार की तैयारियां पूरे जोश में हैं। सीधी से स्थानीय निवासी राम प्रसाद यादव ने बताया कि गांवों में होली का सामाजिक स्वरूप आज भी बेहद जीवंत है। उन्होंने कहा, “होली में सभी लोग एक साथ जुटते हैं, गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे को रंग लगाते हैं। यह त्योहार रिश्तों को मजबूत करने का अवसर देता है।”
दोनों जिलों में प्रशासनिक स्तर पर भी सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर तैयारियां की जा रही हैं, ताकि त्योहार सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। व्यापारियों को उम्मीद है कि इस बार होली का बाजार भी बेहतर रहेगा, क्योंकि लोगों में खरीदारी को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
इसके अलावा, रंग पंचमी 8 मार्च को मनाई जाएगी, जिसे लेकर भी युवाओं और बच्चों में खासा उत्साह है। कुल मिलाकर, रीवा और सीधी में होली का उल्लास परंपरा, आस्था और सामूहिक आनंद के साथ मनाने की तैयारी अंतिम चरण में है।