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Bijapur News: सुरक्षाबलों ने बीजापुर में 12 माओवादी स्मारक ध्वस्त किए, दो IED निष्क्रिय
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
Published by: बीजापुर ब्यूरो
Updated Tue, 17 Feb 2026 06:08 PM IST
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सार
छत्तीसगढ़ के पील्लूर, गंगालूर, मल्लूर, पालनार और पेददाकोरमा के जंगलों में अभियान के दौरान 12 नक्सली स्मारक तोड़े गए हैं। वहीं दो बीयर बोतल में IED बरामद कर सुरक्षित नष्ट किए। सुरक्षाबल लगातार नक्सली इलाकों में तेजी से अभियान चला रहे हैं।
बीजापुर में माओवादी स्मारक ध्वस्त
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिले में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी नक्सल विरोधी कार्रवाई को अंजाम देते हुए विभिन्न स्थानों पर माओवादियों द्वारा बनाए गए कुल 12 स्मारकों को ध्वस्त कर दिया है। इस अभियान के दौरान, सुरक्षा बलों ने दो आईईडी भी बरामद किए, जिन्हें सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया गया। यह कार्रवाई माओवाद के प्रभाव को समाप्त करने और क्षेत्र में शांति व सुरक्षा स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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केरिपु डी 214 द्वारा एरिया डोमिनेशन अभियान के दौरान पील्लूर के जंगल में बड़े काकलेर और पुलगुंडम के पास माओवादियों द्वारा बनाए गए सात अवैध स्मारकों की पहचान की गई। सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में घेराबंदी कर गहन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान, जवानों को एक स्मारक के पास कॉर्डेक्स वायर से भरी बीयर की दो बोतलों में आईईडी बरामद हुई। यूनिट की बी.डी.डी. (बम निरोधक दस्ता) टीम ने मौके पर ही दोनों आईईडी को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया। इसके पश्चात, सभी सात स्मारकों को ध्वस्त कर दिया गया।
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थाना गंगालूर क्षेत्र के अंतर्गत, केरिपु 85वीं वाहिनी ने मल्लूर के जंगल में स्थित 12 फीट ऊंचे माओवादी स्मारक को ध्वस्त किया। इसी क्षेत्र में, ग्राम पालनार के समीप तीन और ग्राम पेददाकोरमा में एक माओवादी स्मारक को केरिपु 222 द्वारा एरिया डोमिनेशन के दौरान नष्ट किया गया।
सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि माओवाद के पूर्ण उन्मूलन तथा क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास की स्थापना के उद्देश्य से माओवादियों द्वारा निर्मित प्रतीकात्मक ढांचों, हिंसा के चिन्हों और भय उत्पन्न करने वाले अवशेषों को लगातार चिन्हित कर विधिसम्मत तरीके से नष्ट किया जा रहा है। माओवादी संगठन इन स्मारकों का उपयोग अपने कैडरों और ग्रामीणों में भय व दबाव बनाए रखने के लिए करते रहे हैं।
इन प्रतीकों का उन्मूलन केवल भौतिक संरचनाओं को हटाना नहीं, बल्कि माओवादी विचारधारा और अवैध प्रभुत्व के विरुद्ध एक सशक्त संदेश देना भी है। सुरक्षा बलों का कहना है कि भविष्य में माओवादी किसी भी प्रकार से हिंसा या भय का प्रतीक पुनः स्थापित न कर सकें, इसके लिए अभियान निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य क्षेत्र को पूरी तरह माओवादी प्रभाव से मुक्त कर स्थायी शांति, विश्वास और विकास का वातावरण निर्मित करना है।