Bilaspur Train Accident: बिलासपुर ट्रेन हादसा; रेलवे ने की सहायता राशि की घोषणा, हेल्पलाइन नंबर भी जारी, जानें
Bilaspur Train Accident: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मेमू लोकल और मालगाड़ी में भीषण टक्कर हुई है। इस हादसे में छह लोगों की मौत होने की खबर सामने आ रही है।
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Bilaspur Train Accident: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मेमू लोकल और मालगाड़ी में भीषण टक्कर हुई है। इस हादसे में छह लोगों की मौत होने की खबर सामने आ रही है। वहीं 12 यात्रियों के घायल होने की भी खबर है। मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है। फिलहाल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। दूसरी ओर रेलवे ने सहायता राशि की घोषणा की है। वहीं हेल्पलाइन नंबर भी जारी किये गये हैं।
इस हादसे में मृतकों के परिजनों को दस लाख, गंभीर रूप से घायल यात्रियों को पांच लाख और सामान्य रूप से घायल यात्रियों को एक लाख की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। रेलवे प्रशासन प्रभावित यात्रियों को हरसंभव सहायता पहुंचा रहा है। इस घटना की विस्तृत जांच रेलवे सुरक्षा आयुक्त स्तर पर कराई जाएगी, ताकि कारणों की सही जांच कर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। यात्री और उनके परिजन हेल्प लाइन नंबरों पर संपर्क कर जानकारी ले सकते हैं।
रेलवे ने यात्रियों एवं उनके परिजनों की सुविधा के लिये निम्न हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं-
आपातकालीन संपर्क नंबर:
- बिलासपुर – 7777857335, 7869953330
- चांपा – 8085956528
- रायगढ़ – 9752485600
- पेंड्रा रोड – 8294730162कोरबा – 7869953330
- उसलापुर - 7777857338
- भाटापारा रेलवे स्टेशन, रायपुर रेलवे स्टेशन, एवं दुर्ग रेलवे स्टेशन में हेल्प डेस्क उपलब्ध है
- रायपुर रेलवे स्टेशन हेल्प डेस्क नंबर 7777814132
इस हादसे की बात करें तो हावड़ा मार्ग पर चल रही कोरबा पैसेंजर ट्रेन और एक मालगाड़ी के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस टक्कर से दोनों ट्रेनों के कई डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चारों ओर चीख-पुकार और धुएं का माहौल फैल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के तुरंत बाद यात्रियों में दहशत का वातावरण बन गया।
बढ़ सकती है मृतकों की संख्या
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस हादसे में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन को आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ डिब्बों में यात्रियों के फंसे होने की संभावना जताई जा रही है।
रेस्क्यू अभियान जारी, रेलवे और स्थानीय प्रशासन मौके पर तैनात
सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए रेस्क्यू टीम, मेडिकल यूनिट और राहत दल को घटनास्थल पर रवाना किया। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें भी राहत-बचाव कार्य में लगी हुई हैं। भारी संख्या में स्थानीय लोग भी मदद के लिए वहां पहुंच गए हैं, जिससे घटनास्थल पर बड़ी भीड़ इकट्ठा हो गई। घायलों को स्ट्रेचर और एंबुलेंस की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
ट्रेन संचालन ठप, कई रूट डायवर्ट
हादसे के कारण बिलासपुर-कटनी रेलमार्ग, जो देश के सबसे व्यस्ततम रेल मार्गों में गिना जाता है, पूरी तरह बाधित हो गया है। पूरे रूट पर ट्रेन संचालन रोक दिया गया है। कई ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कुछ को वैकल्पिक मार्गों से उनके गंतव्य की ओर भेजा जा रहा है। यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए रेलवे की ओर से बसों और अन्य साधनों की व्यवस्था की जा रही है।
दुर्घटना का कारण अब तक स्पष्ट नहीं
फिलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। रेलवे की जांच टीम घटनास्थल पर पहुंचकर मुआयना कर रही है और तकनीकी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हादसे के पीछे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएगी।