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G7: जी7 की बैठक से अलग कनाडा की विदेश मंत्री से मिले जयशंकर, पश्चिम एशिया और होर्मुज संकट पर हुई बात

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पेरिस Published by: Nitin Gautam Updated Fri, 27 Mar 2026 10:46 AM IST
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सार

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर जी7 की विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने फ्रांस दौरे पर हैं। फ्रांस में जयशंकर ने कनाडा की विदेश मंत्री से भी मुलाकात की। इस मुलाकात में होर्मुज संकट और पश्चिम एशिया के हालात और उसके पूरी दुनिया पर पड़ रहे असर पर चर्चा हुई। 

EAM Jaishankar meet with Canada FM Anand discuss West Asia crisis hormuz strait on G7 sidelines
कनाडा की विदेश मंत्री के साथ जयशंकर - फोटो : पीटीआई
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विस्तार

पश्चिम एशिया में जारी संकट और उसके दुनिया पर पड़ रहे असर को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ अहम बैठक की। दोनों नेताओं की यह बैठक जी7 की बैठक से अलग हुई। जयशंकर गुरुवार को G7 के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने फ्रांस पहुंचे। बैठक के बाद कनाडा की विदेश मंत्री ने एक्स पर साझा एक पोस्ट में बताया कि दोनों नेताओं ने इस वर्ष की शुरुआत में पीएम कार्नी के भारत दौरे पर आगे बढ़ाई गई साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की।
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पश्चिम एशिया संकट के अलावा इन मुद्दों पर हुई बात
  • आनंद ने कहा कि बैठक में व्यापार, पश्चिम एशिया की स्थिति और दोनों देशों के सहयोग को और मजबूत करने पर बात हुई। साथ ही प्रमुख क्षेत्रों जैसे महत्वपूर्ण खनिज, कृषि और शिक्षा पर भी चर्चा हुई। दो दिवसीय जी-7 बैठक में जयशंकर पश्चिम एशिया संकट पर विशेष ध्यान देते हुए इस बात पर विचार-विमर्श कर रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहे।
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  • फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित यह संकीर्ण समुद्री मार्ग वैश्विक तेल और एलएनजी आपूर्ति के लिए अहम है और दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस व्यापार यहीं से गुजरता है। पश्चिम एशिया संकट के चलते ईरान द्वारा इसे बाधित किया गया, जिसके चलते वैश्विक तेल और गैस कीमतों में तेज उछाल देखा गया है।

जी7 की बैठक में पश्चिम एशिया मुद्दा छाया रहा
यह जी-7 बैठक 26-27 मार्च को फ्रांस में आयोजित की जा रही है। ग्रुप ऑफ 7 (G7) में दुनिया की सात प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं। यूरोपीय संघ भी इस समूह का सदस्य है। भारत के अलावा, फ्रांस ने सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया और ब्राजील को भी इस बैठक में आमंत्रित किया है। जी-7 वैश्विक आर्थिक, वित्तीय और भू-राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा और समन्वित कार्रवाई के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में काम करता है।

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