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US: गिरफ्तारी के बाद निकोलस मादुरो की न्यूयॉर्क कोर्ट में दूसरी पेशी, अदालत के बाहर हुआ जोरदार प्रदर्शन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Nitin Gautam
Updated Fri, 27 Mar 2026 01:14 PM IST
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सार
अमेरिका द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद गुरुवार को वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अदालत में पेश किया गया। इस दौरान मादुरो के वकील ने पूर्व राष्ट्रपति की गिरफ्तारी को गलत बताया और मामले को खारिज करने की अपील की।
अमेरिका के कब्जे में निकोलस मादुरो और सिलिया फ्लोरेस
- फोटो : ANI
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विस्तार
इस साल जनवरी की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर वेनेजुएला की राजधानी काराकस में सैन्य कार्रवाई कर अमेरिकी सैनिकों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया था। मादुरो पर ड्रग तस्करी का आरोप है। इसके बाद मादुरो को अमेरिका लाया गया, जहां मादुरो के खिलाफ न्यूयॉर्क की अदालत में मुकदमा चल रहा है। गुरुवार को मादुरो को दूसरी बार न्यूयॉर्क कोर्ट में पेश किया गया।
गिरफ्तारी के बाद दूसरी बार अदालत में पेश हुए मादुरो
अदालत के बाहर जुटे प्रदर्शनकारी
मादुरो की गिरफ्तारी का अमेरिका में विरोध हो रहा है। गुरुवार को भी प्रदर्शकारी अदालत के बाहर जमा हुए, जहां कड़ी सुरक्षा के बीच प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे थे और मादुरो को तुरंत रिहा करने की मांग कर रहे थे। एक प्रदर्शनकारी ने सिन्हुआ को बताया, 'हम आज यहां निकोलस मादुरो और सिलिया फ्लोरेस के साथ खड़े हैं। हमें लगता है कि आरोप खारिज कर दिए जाने चाहिए और उन्हें रिहा कर दिया जाना चाहिए।' एक और प्रदर्शनकारी ने कहा कि अमेरिका को किसी दूसरे देश के चुने हुए नेता को कब्जे में लेने का कोई हक नहीं है। वेनेजुएला के लोग चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुट हैं। एक प्रदर्शनकारी ने वेनेजुएला और ईरान का जिक्र करते हुए कहा, 'अमेरिका, दुनिया पर अपना दबदबा बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, इसलिए ज्यादा से ज्यादा देश उसके खिलाफ खड़े हो रहे हैं।'
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गिरफ्तारी के बाद दूसरी बार अदालत में पेश हुए मादुरो
- न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, 5 जनवरी को अपनी पहली पेशी के दौरान, मादुरो ने अपने खिलाफ अमेरिका द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया था और खुद को बेकसूर बताया था। मादुरो ने कोर्ट को बताया कि उनका काराकस स्थित घर से अपहरण किया गया था और वे अभी भी वेनेजुएला के राष्ट्रपति बने हुए हैं।
- गुरुवार को न्यूयॉर्क की अदालत में सुनवाई के दौरान मादुरो के वकील ने आरोपों को खारिज करने के लिए जज पर दबाव बनाना जारी रखा और तर्क दिया कि अमेरिका, मादुरो के कानूनी फीस के भुगतान के लिए वेनेजुएला सरकार के फंड को रोककर उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन कर रहा है।
- हालांकि, जज ने मादुरो को अपने कानूनी बचाव के लिए वेनेजुएला के फंड के इस्तेमाल से रोकने के वॉशिंगटन के रुख पर सवाल उठाए, लेकिन केस को खारिज करने से इनकार कर दिया।
- 3 जनवरी को, अमेरिकी सैन्य बलों ने वेनेजुएला के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमला किया और मादुरो और उनकी पत्नी, सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लेकर न्यूयॉर्क ले आए। ट्रंप के आदेश पर किए गए इस अमेरिकी हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चौंका दिया। दुनिया भर में इसकी निंदा हुई और इसे लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं। काराकस में पकड़े जाने के बाद से मादुरो दंपत्ति न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में जेल में है।
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अदालत के बाहर जुटे प्रदर्शनकारी
मादुरो की गिरफ्तारी का अमेरिका में विरोध हो रहा है। गुरुवार को भी प्रदर्शकारी अदालत के बाहर जमा हुए, जहां कड़ी सुरक्षा के बीच प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे थे और मादुरो को तुरंत रिहा करने की मांग कर रहे थे। एक प्रदर्शनकारी ने सिन्हुआ को बताया, 'हम आज यहां निकोलस मादुरो और सिलिया फ्लोरेस के साथ खड़े हैं। हमें लगता है कि आरोप खारिज कर दिए जाने चाहिए और उन्हें रिहा कर दिया जाना चाहिए।' एक और प्रदर्शनकारी ने कहा कि अमेरिका को किसी दूसरे देश के चुने हुए नेता को कब्जे में लेने का कोई हक नहीं है। वेनेजुएला के लोग चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुट हैं। एक प्रदर्शनकारी ने वेनेजुएला और ईरान का जिक्र करते हुए कहा, 'अमेरिका, दुनिया पर अपना दबदबा बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, इसलिए ज्यादा से ज्यादा देश उसके खिलाफ खड़े हो रहे हैं।'
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