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बालेन युग का आगाज: हर मिनट के भाषण पर मिले 2 लाख वोट, ऐसे नेपाल के 'नायक' बने बालेन शाह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 27 Mar 2026 12:43 PM IST
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सार
नेपाल के संसदीय चुनावों में बालेन शाह की पार्टी (RSP) ने भारी बहुमत हासिल किया है। बालेन ने पूरे चुनाव प्रचार के दौरान केवल 26 मिनट भाषण दिया, लेकिन उन्हें 52 लाख वोट मिले। यानी हर मिनट 2 लाख वोट। अब बालेन नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गए हैं।
नेपाल के प्रधानमंत्री बने बालेन शाह
- फोटो : @अमर उजाला
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विस्तार
नेपाल की सियासत में नया सूरज उग आया है। नाम है बालेन शाह। इसे महज एक चुनावी परिणाम कहना गलत होगा, यह एक राजनीतिक सुनामी है जिसने दशकों पुराने किलों को ढहा दिया है। एक हाथ में 'घंटी' और आंखों पर काला चश्मा लगाए एक रैपर-इंजीनियर अब नेपाल की तकदीर लिखने जा रहा है।
26 मिनट के भाषण से ही बन गए प्रधानमंत्री
बालेन शाह की इस जीत का सबसे दिलचस्प पहलू उनका 'टाइम मैनेजमेंट' रहा। जहां मंझे हुए नेता घंटों तक एक-दूसरे पर कीचड़ उछालते रहे, वहीं बालेन ने पूरे चुनाव अभियान के दौरान 5 जनसभाओं में कुल मिलाकर मात्र 26 मिनट तक भाषण दिया। गणित बिठाएं तो उनके भाषण के हर एक मिनट में पार्टी की झोली में करीब 2 लाख वोट डाले गए। नेपाल की 275 सीटों वाली प्रतिनिधि सभा (HoR) में उनकी पार्टी राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने 182 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। इस तरह बालेन शाह नेपाल के पीएम बन गए हैं।
चुनाव प्रचार में जनता से 'चाय-पानी' पूछते रहे शाह
बता दें कि बालेन शाह के चुनाव प्रचार का तरीका बड़े राजनेताओं जैसा नहीं था। जनकपुर में उन्होंने अपनी मातृभाषा मैथिली में बात की, तो सुदूर पश्चिम में डोटेली बोली में संदेश दिया। वे मंच पर जाकर लंबे-चौड़े वादे नहीं करते थे, बल्कि जनता से सीधा संवाद करते रहे। पूरे चुनाव प्रचार के दौरान बालेन शाह की सबसे खास बात यह रही कि वे जनता से पूछते थे कि चाय पी ली आपने? आज कौन सी सब्जी खाई? सब्जी अपनी क्यारी की थी या बॉर्डर पार से आई थी?
यही वो सवाल थे जिन्होंने आम नेपाली नागरिक के दिल को छुआ। उन्होंने यह साबित कर दिया कि राजनीति 'स्विट्जरलैंड' बनाने के बड़े-बड़े ख्वाब दिखाने का नाम नहीं, बल्कि अपने देश की बडिमालिका और खप्तड की खूबसूरती को सहेजने का नाम है।
यह भी पढ़ें: पश्चिम एशिया: ईरान ने शुरू किया 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' का 83वां चरण, इस्राइल के ठिकानों पर मिसाइलों की बारिश
न वोट मांगा, न विरोध किया
पत्रकार सरस्वती कर्माचार्य कहती हैं कि बालेन ने कभी वोट की भीख नहीं मांगी। उन्होंने साफ कहा, "मैं वोट मांगने नहीं, काम मांगने आया हूं। अगर हमारी पार्टी हार भी गई, तब भी हम जनता के लिए काम करते रहेंगे।" जनकपुर की रैली में उनका यह बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा कि मुझे मधेसी का बेटा समझकर वोट मत देना, मुझे एक अच्छा उम्मीदवार समझकर वोट देना।
चेतावनी की घंटी
बालेन जब भी मंच पर आते, उनके हाथ में एक छोटी घंटी होती थी। उनके कार्यकर्ता बताते हैं कि भाषण से पहले घंटी बजाना विपक्षी दलों के लिए एक चेतावनी थी कि अब पुरानी और सुस्त राजनीति के दिन लद चुके हैं। अब बालेन नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले चुके हैं।
कौन हैं 'Gen Z' के पोस्टर बॉय से प्रधानमंत्री बनने वाले शाह?
नेपाल की राजनीति में दशकों से कुछ चुनिंदा परिवारों का कब्जा रहा है, लेकिन साल 2022 के स्थानीय चुनावों ने इस इतिहास को हमेशा के लिए बदल दिया। इस बदलाव का चेहरा बने 34 वर्षीय बालेंद्र शाह यानी 'बालेन शाह'। नेपाल के नए प्रधानमंत्री का जन्म काठमांडू के नारा देवी इलाके में हुआ था। हालांकि उनका पालन-पोषण काठमांडू में हुआ।
पेशे से स्ट्रक्चरल इंजीनियर और मशहूर रैपर बालेन ने जब स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर काठमांडू के मेयर पद के लिए पर्चा भरा, तो किसी ने नहीं सोचा था कि वे पुराने दिग्गजों के पैर उखाड़ देंगे और एक दिन देश के प्रधानमंत्री बन जाएंगे।
भारत से बालेन शाह का कनेक्शन
बालेन शाह का भारत से भी जुड़ाव है। उन्होंने कर्नाटक के विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (VTU) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रखी है। यही कारण है कि वे फाइलों के बजाय जमीनी नक्शों पर भरोसा करते हैं। मेयर के रूप में काठमांडू के बेतरतीब शहरीकरण के पेचीदा मुद्दों को सुलझाते-सुलझाते बालेन ने नेपाल के लोगों के दिलों में जगह बना ली।
बालेन की सबसे बड़ी ताकत नेपाल की 'Gen Z' यानी युवा पीढ़ी है। उनके रैप में व्यवस्था के खिलाफ जो आक्रोश दिखता था, वही अब उनके प्रशासनिक फैसलों में नजर आता है। मेयर बनने के बाद उन्होंने काठमांडू की सड़कों से अवैध अतिक्रमण हटाने में जरा भी कोताही नहीं बरती। चाहे वह रसूखदार व्यापारी हों या सरकारी विभाग, सीएम योगी की तरह 'बालेन का बुलडोजर' हर उस जगह चला जहां कानून का उल्लंघन हुआ था।
'नेपाल फर्स्ट' से बढ़ा राजनीतिक कद
बालेन शाह की 'नेपाल फर्स्ट' की नीति ने कभी-कभी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा छेड़ी है। वे नेपाल की सांस्कृतिक विरासत और स्वाभिमान को लेकर बेहद मुखर रहते हैं। पिछले एक वर्ष में नेपाल के चाय के अड्डों से लेकर सोशल मीडिया के गलियारों तक, एक ही चर्चा रही कि क्या बालेन शाह नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बनेंगे? अब बालेन शाह नेपाल के नए नायक बनकर उभरे हैं।
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26 मिनट के भाषण से ही बन गए प्रधानमंत्री
बालेन शाह की इस जीत का सबसे दिलचस्प पहलू उनका 'टाइम मैनेजमेंट' रहा। जहां मंझे हुए नेता घंटों तक एक-दूसरे पर कीचड़ उछालते रहे, वहीं बालेन ने पूरे चुनाव अभियान के दौरान 5 जनसभाओं में कुल मिलाकर मात्र 26 मिनट तक भाषण दिया। गणित बिठाएं तो उनके भाषण के हर एक मिनट में पार्टी की झोली में करीब 2 लाख वोट डाले गए। नेपाल की 275 सीटों वाली प्रतिनिधि सभा (HoR) में उनकी पार्टी राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने 182 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। इस तरह बालेन शाह नेपाल के पीएम बन गए हैं।
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चुनाव प्रचार में जनता से 'चाय-पानी' पूछते रहे शाह
बता दें कि बालेन शाह के चुनाव प्रचार का तरीका बड़े राजनेताओं जैसा नहीं था। जनकपुर में उन्होंने अपनी मातृभाषा मैथिली में बात की, तो सुदूर पश्चिम में डोटेली बोली में संदेश दिया। वे मंच पर जाकर लंबे-चौड़े वादे नहीं करते थे, बल्कि जनता से सीधा संवाद करते रहे। पूरे चुनाव प्रचार के दौरान बालेन शाह की सबसे खास बात यह रही कि वे जनता से पूछते थे कि चाय पी ली आपने? आज कौन सी सब्जी खाई? सब्जी अपनी क्यारी की थी या बॉर्डर पार से आई थी?
यही वो सवाल थे जिन्होंने आम नेपाली नागरिक के दिल को छुआ। उन्होंने यह साबित कर दिया कि राजनीति 'स्विट्जरलैंड' बनाने के बड़े-बड़े ख्वाब दिखाने का नाम नहीं, बल्कि अपने देश की बडिमालिका और खप्तड की खूबसूरती को सहेजने का नाम है।
यह भी पढ़ें: पश्चिम एशिया: ईरान ने शुरू किया 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' का 83वां चरण, इस्राइल के ठिकानों पर मिसाइलों की बारिश
न वोट मांगा, न विरोध किया
पत्रकार सरस्वती कर्माचार्य कहती हैं कि बालेन ने कभी वोट की भीख नहीं मांगी। उन्होंने साफ कहा, "मैं वोट मांगने नहीं, काम मांगने आया हूं। अगर हमारी पार्टी हार भी गई, तब भी हम जनता के लिए काम करते रहेंगे।" जनकपुर की रैली में उनका यह बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा कि मुझे मधेसी का बेटा समझकर वोट मत देना, मुझे एक अच्छा उम्मीदवार समझकर वोट देना।
चेतावनी की घंटी
बालेन जब भी मंच पर आते, उनके हाथ में एक छोटी घंटी होती थी। उनके कार्यकर्ता बताते हैं कि भाषण से पहले घंटी बजाना विपक्षी दलों के लिए एक चेतावनी थी कि अब पुरानी और सुस्त राजनीति के दिन लद चुके हैं। अब बालेन नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले चुके हैं।
कौन हैं 'Gen Z' के पोस्टर बॉय से प्रधानमंत्री बनने वाले शाह?
नेपाल की राजनीति में दशकों से कुछ चुनिंदा परिवारों का कब्जा रहा है, लेकिन साल 2022 के स्थानीय चुनावों ने इस इतिहास को हमेशा के लिए बदल दिया। इस बदलाव का चेहरा बने 34 वर्षीय बालेंद्र शाह यानी 'बालेन शाह'। नेपाल के नए प्रधानमंत्री का जन्म काठमांडू के नारा देवी इलाके में हुआ था। हालांकि उनका पालन-पोषण काठमांडू में हुआ।
पेशे से स्ट्रक्चरल इंजीनियर और मशहूर रैपर बालेन ने जब स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर काठमांडू के मेयर पद के लिए पर्चा भरा, तो किसी ने नहीं सोचा था कि वे पुराने दिग्गजों के पैर उखाड़ देंगे और एक दिन देश के प्रधानमंत्री बन जाएंगे।
भारत से बालेन शाह का कनेक्शन
बालेन शाह का भारत से भी जुड़ाव है। उन्होंने कर्नाटक के विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (VTU) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रखी है। यही कारण है कि वे फाइलों के बजाय जमीनी नक्शों पर भरोसा करते हैं। मेयर के रूप में काठमांडू के बेतरतीब शहरीकरण के पेचीदा मुद्दों को सुलझाते-सुलझाते बालेन ने नेपाल के लोगों के दिलों में जगह बना ली।
बालेन की सबसे बड़ी ताकत नेपाल की 'Gen Z' यानी युवा पीढ़ी है। उनके रैप में व्यवस्था के खिलाफ जो आक्रोश दिखता था, वही अब उनके प्रशासनिक फैसलों में नजर आता है। मेयर बनने के बाद उन्होंने काठमांडू की सड़कों से अवैध अतिक्रमण हटाने में जरा भी कोताही नहीं बरती। चाहे वह रसूखदार व्यापारी हों या सरकारी विभाग, सीएम योगी की तरह 'बालेन का बुलडोजर' हर उस जगह चला जहां कानून का उल्लंघन हुआ था।
'नेपाल फर्स्ट' से बढ़ा राजनीतिक कद
बालेन शाह की 'नेपाल फर्स्ट' की नीति ने कभी-कभी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा छेड़ी है। वे नेपाल की सांस्कृतिक विरासत और स्वाभिमान को लेकर बेहद मुखर रहते हैं। पिछले एक वर्ष में नेपाल के चाय के अड्डों से लेकर सोशल मीडिया के गलियारों तक, एक ही चर्चा रही कि क्या बालेन शाह नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बनेंगे? अब बालेन शाह नेपाल के नए नायक बनकर उभरे हैं।
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