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बिलासपुर: उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला, वाहन डीलर को देना होगा 15 लाख रुपये मुआवजा
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
Published by: अनुज कुमार
Updated Wed, 06 May 2026 09:54 PM IST
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सार
बिलासपुर जिला उपभोक्ता आयोग ने गैलैक्सी मोटर्स डीलर को लापरवाही बरतने पर राजेश्वरी यादव को 15 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया। डीलर ने 28 अक्टूबर 2019 को बाइक डिलीवर की लेकिन बीमा 4 नवंबर से किया, जिस कारण 29 अक्टूबर को दुर्घटना में पति की मौत पर बीमा क्लेम नहीं मिल सका।
कोर्ट का फैसला
- फोटो : ANI
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विस्तार
बिलासपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने वाहन विक्रेता की लापरवाही को गंभीर मानते हुए आदेश दिया है। पीड़िता को 15 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया गया है।
यह मामला ग्राम झलक, तहसील लोरमी की राजेश्वरी यादव की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने वाहन खरीद के दौरान बीमा संबंधी अनियमितताओं को लेकर न्याय की मांग की थी। राजेश्वरी यादव के पति दिवंगत मुकेश कुमार यादव ने 28 अक्टूबर 2019 को एक मोटरसाइकिल खरीदी थी। वाहन खरीदने के समय ही बीमा प्रीमियम की राशि का भुगतान कर दिया गया था। लेकिन डीलर गैलेक्सी मोटर ने तत्काल बीमा करवाने में देरी की।
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इसी बीच 29 अक्टूबर 2019 को मुकेश यादव की एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। जांच में सामने आया कि दुर्घटना के समय वाहन का बीमा प्रभावी नहीं था। बीमा पॉलिसी 4 नवंबर 2019 से लागू की गई थी, जबकि वाहन 28 अक्टूबर को ही दिया गया था। आयोग ने इसे अनुचित व्यापार व्यवहार और उपभोक्ता सेवा में कमी माना।
आयोग ने अपने फैसले में कहा कि यदि डीलर समय पर बीमा करवाता। तो पीड़िता को 15 लाख रुपये की बीमा राशि मिल सकती थी। इस लापरवाही के कारण पीड़िता को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसलिए डीलर को 15 लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया गया है।
आयोग ने इस राशि पर शिकायत दर्ज होने की तिथि से भुगतान तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, मानसिक और शारीरिक पीड़ा के लिए 10 हजार रुपये अतिरिक्त देने को कहा गया। वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपये भी देने का आदेश है। बीमा कंपनी को इस मामले में जिम्मेदार नहीं ठहराया गया। क्योंकि दुर्घटना के समय बीमा पॉलिसी प्रभावी नहीं थी।