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जग्गी हत्याकांड : अमित जोगी की तरफ से जवाब के लिए मांगा गया समय, कल होगी मामले की सुनवाई
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Apr 2026 02:49 PM IST
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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एनसीपी के नेता रहे रामअवतार जग्गी हत्याकांड की फाइल एक बार फिर खुल गई है। आज हाईकोर्ट में इस मामले में सुनवाई होनी थी जिसे कल तक के लिए टाल दिया गया है । अमित जोगी की ओर जवाब के लिए और ज्यादा समय की मांग को कोर्ट ने नकारते हुए कल मामले अंतिम सुनवाई तय की है । बता दे कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में सुनवाई प्रारंभ हो गई है। बीते दिनों चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने सतीश जग्गी व जग्गी हत्याकांड के आरोपी अमित जोगी को नोटिस जारी कर अपने वकील के साथ कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया था।
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नोटिस की तामिली की जिम्मेदारी रायपुर एसपी काे दी गई थी। याचिकाकर्ता सतीश जग्गी के अधिवक्ता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले को पुनर्विचार के लिए वापस बिलासपुर हाईकोर्ट भेज दिया है। सीबीआई की ओर से उपस्थित अधिवक्ता वैभव ए. गोवर्धन और राज्य की ओर से उपस्थित उप महाधिवक्ता डॉ. सौरभ पांडे ने संयुक्त रूप से निवेदन किया कि राज्य ने 31 मई 2007 को आवेदन पेश कर निचली अदालत द्वारा पारित बरी करने के फैसले के खिलाफ अपील करने की अनुमति मांगी थी। उक्त आवेदन को इस न्यायालय की पीठ ने 18 अगस्त 2011 को इस आधार पर खारिज कर दिया था, सीबीआई द्वारा जांच किए जा रहे मामले में राज्य द्वारा दायर अपील की अनुमति के लिए आवेदन स्वीकार्य नहीं है।
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सीबीआई ने याचिका दायर कर 31 मई 2007 के फैसले और आदेश को चुनौती दी थी। हालांकि, इस न्यायालय की समन्वय पीठ ने 12 सितंबर 2011 के आदेश द्वारा विलंब के आधार पर इसे खारिज कर दिया था। इसके अतिरिक्त, अमित जोगी की बरी होने को चुनौती देने के लिए पुनरीक्षण याचिका को आपराधिक अपील में परिवर्तित करने की मांग करते हुए शिकायतकर्ता सतीश जग्गी द्वारा दायर याचिका को भी 19 सितंबर 2011 के आदेश द्वारा खारिज कर दिया गया था।हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सतीश जग्गी व सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। 18 अगस्त 2011, 12 सितंबर .2011 और 19 सितंबर 2011 के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ,सतीश जग्गी व सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 06 नवंबर 2025 के आदेश के परिप्रेक्ष्य में याचिका दायर करने में हुई देरी को क्षमा कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से कहा, सतीश जग्गी और राज्य सरकार को बनाए पक्षकार। याचिका को सीबीआई द्वारा दायर अपील की अनुमति के आवेदन पर गुण-दोष के आधार पर पुनर्विचार के लिए छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट को वापस भेज दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है, सीबीआई उक्त कार्यवाही में वास्तविक शिकायतकर्ता और राज्य को आवश्यक पक्षकार बनाए। सीबीआई के वकील वैभव ए गोवर्धन ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा 06 नवंबर 2025 को पारित आदेश की एक प्रति हाई कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की है, जिसे रिकॉर्ड में ले लिया गया है। बीते सुनवाई में डिवीजन बेंच ने जग्गी हत्याकांड के आरोपी अमित जोगी और याचिकाकर्ता सतीश जग्गी को नोटिस जारी कर अपने अधिवक्ता के साथ कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया था । बता दें कि 23 साल पहले रामअवतार जग्गी की गोली मारकर कर दी थी हत्या 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने 31 लोगों को आरोपी बनाया था। बाद में बलटू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को दोषी करार दिया गया था। हालांकि बाद में अमित जोगी को बरी कर दिया गया था। अमित जोगी को बरी किए जाने के खिलाफ रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।