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छत्तीसगढ़ शिक्षा बजट 2026-27: 22 हजार 466 करोड़ रुपये से बदलेगी स्कूल शिक्षा, 5000 शिक्षकों की भर्ती का ऐलान
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 14 Mar 2026 04:56 PM IST
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सार
छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के बजट में बड़ा प्रावधान किया है। राज्य के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए 22 हजार 466 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के बजट में बड़ा प्रावधान किया है। राज्य के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए 22 हजार 466 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के हर बच्चे को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि नए स्कूल, डिजिटल शिक्षण और शिक्षक भर्ती जैसे कई बड़े फैसले इस बजट में शामिल किए गए हैं।
राज्य के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने 5000 शिक्षकीय पदों पर सीधी भर्ती की घोषणा की है। इसके अलावा 4000 से अधिक पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। भर्ती परीक्षा अक्टूबर और नवंबर 2026 में आयोजित किए जाने की योजना है।
केंद्र सरकार की पीएम श्री योजना के तहत स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिसके लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, आधुनिक प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं और करियर काउंसिलिंग जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित किए जाएंगे, जिनके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बस्तर संभाग के ओरछा, नारायणपुर और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए 9.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
स्कूलों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए 105 करोड़ 20 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत 500 प्राथमिक स्कूल, 100 पूर्व माध्यमिक स्कूल, 50 हाई स्कूल और 50 हायर सेकेंडरी स्कूलों के नए भवन बनाए जाएंगे, साथ ही पुराने भवनों की मरम्मत भी की जाएगी। बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के लिए 700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत राज्य के सरकारी और अनुदान प्राप्त स्कूलों तथा पंजीकृत मदरसों के लगभग 30 लाख विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन मिलेगा।
सरकार डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी कई पहल कर रही है। पीएम ई-विद्या कार्यक्रम के तहत डीटीएच चैनलों के माध्यम से कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को विषयवार ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है। साथ ही स्कूलों में स्मार्ट क्लास, वीडियो आधारित शिक्षण और ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू की जा रही है।
इसके अलावा छात्रवृत्ति, निःशुल्क गणवेश, पाठ्यपुस्तक वितरण और साइकिल योजना जैसी योजनाओं के लिए भी बजट में अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन कदमों से राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे।
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विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के हर बच्चे को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि नए स्कूल, डिजिटल शिक्षण और शिक्षक भर्ती जैसे कई बड़े फैसले इस बजट में शामिल किए गए हैं।
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राज्य के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने 5000 शिक्षकीय पदों पर सीधी भर्ती की घोषणा की है। इसके अलावा 4000 से अधिक पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। भर्ती परीक्षा अक्टूबर और नवंबर 2026 में आयोजित किए जाने की योजना है।
केंद्र सरकार की पीएम श्री योजना के तहत स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिसके लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, आधुनिक प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं और करियर काउंसिलिंग जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित किए जाएंगे, जिनके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बस्तर संभाग के ओरछा, नारायणपुर और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए 9.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
स्कूलों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए 105 करोड़ 20 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत 500 प्राथमिक स्कूल, 100 पूर्व माध्यमिक स्कूल, 50 हाई स्कूल और 50 हायर सेकेंडरी स्कूलों के नए भवन बनाए जाएंगे, साथ ही पुराने भवनों की मरम्मत भी की जाएगी। बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के लिए 700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत राज्य के सरकारी और अनुदान प्राप्त स्कूलों तथा पंजीकृत मदरसों के लगभग 30 लाख विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन मिलेगा।
सरकार डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी कई पहल कर रही है। पीएम ई-विद्या कार्यक्रम के तहत डीटीएच चैनलों के माध्यम से कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को विषयवार ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है। साथ ही स्कूलों में स्मार्ट क्लास, वीडियो आधारित शिक्षण और ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू की जा रही है।
इसके अलावा छात्रवृत्ति, निःशुल्क गणवेश, पाठ्यपुस्तक वितरण और साइकिल योजना जैसी योजनाओं के लिए भी बजट में अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन कदमों से राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे।