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घंटी बजी, खिल उठे स्कूल: छत्तीसगढ़ में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत, तिलक लगाकर हुआ बच्चों का स्वागत
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 16 Jun 2026 11:05 AM IST
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सार
गर्मी की लंबी छुट्टियों के बाद सोमवार को छत्तीसगढ़ के सरकारी और निजी स्कूलों में एक बार फिर बच्चों की चहल-पहल लौट आई। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ प्रदेशभर के विद्यालयों में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गर्मी की लंबी छुट्टियों के बाद सोमवार को छत्तीसगढ़ के सरकारी और निजी स्कूलों में एक बार फिर बच्चों की चहल-पहल लौट आई। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ प्रदेशभर के विद्यालयों में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। पहली बार स्कूल पहुंचने वाले नन्हे विद्यार्थियों से लेकर पुराने छात्रों तक का शिक्षकों ने आत्मीय स्वागत किया। स्कूल परिसरों में बच्चों का तिलक लगाकर अभिनंदन किया गया और उन्हें पाठ्यपुस्तकें भेंट कर नए सत्र की शुभकामनाएं दी गईं। छुट्टियों के बाद दोस्तों से मुलाकात और नए सत्र की शुरुआत को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह नजर आया।
नए सत्र के साथ ही प्रदेश में 16 जून से 27 जून तक शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोड़ना और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस दौरान स्कूलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां नए विद्यार्थियों का स्वागत करने के साथ उन्हें शिक्षा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। शाला प्रवेश उत्सव का मुख्य कार्यक्रम 30 जून को आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ प्रतिनिधियों सहित जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रहेगी। संभाग स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को गणवेश, पाठ्यपुस्तकें और साइकिलों का वितरण किया जाएगा, ताकि बच्चों को पढ़ाई के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।
नौनिहालों के लिए यादगार बना पहला दिन
राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्कूल का पहला दिन खास उत्साह से भरा रहा। पहली बार स्कूल पहुंचे बच्चों का फूल, तिलक और मिठाई के साथ स्वागत किया गया। कई स्कूलों में आकर्षक सजावट भी की गई, जिससे बच्चों के मन से स्कूल का डर दूर हो और वे खुशी के साथ पढ़ाई की शुरुआत कर सकें। अभिभावकों ने भी बच्चों के साथ इस खास पल को यादगार बनाया और शिक्षा के नए सफर की शुरुआत पर खुशी जताई।
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मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत पर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि सपनों को साकार करने और उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, आत्मविश्वास और समर्पण के साथ नियमित रूप से विद्यालय जाने और मन लगाकर पढ़ाई करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की मेहनत ही कल की सफलता तय करती है और शिक्षा के माध्यम से बच्चे प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर भविष्य में नई उपलब्धियां हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
नए सत्र के साथ ही प्रदेश में 16 जून से 27 जून तक शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोड़ना और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस दौरान स्कूलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां नए विद्यार्थियों का स्वागत करने के साथ उन्हें शिक्षा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। शाला प्रवेश उत्सव का मुख्य कार्यक्रम 30 जून को आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ प्रतिनिधियों सहित जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रहेगी। संभाग स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को गणवेश, पाठ्यपुस्तकें और साइकिलों का वितरण किया जाएगा, ताकि बच्चों को पढ़ाई के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।
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नौनिहालों के लिए यादगार बना पहला दिन
राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्कूल का पहला दिन खास उत्साह से भरा रहा। पहली बार स्कूल पहुंचे बच्चों का फूल, तिलक और मिठाई के साथ स्वागत किया गया। कई स्कूलों में आकर्षक सजावट भी की गई, जिससे बच्चों के मन से स्कूल का डर दूर हो और वे खुशी के साथ पढ़ाई की शुरुआत कर सकें। अभिभावकों ने भी बच्चों के साथ इस खास पल को यादगार बनाया और शिक्षा के नए सफर की शुरुआत पर खुशी जताई।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत पर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि सपनों को साकार करने और उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, आत्मविश्वास और समर्पण के साथ नियमित रूप से विद्यालय जाने और मन लगाकर पढ़ाई करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की मेहनत ही कल की सफलता तय करती है और शिक्षा के माध्यम से बच्चे प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर भविष्य में नई उपलब्धियां हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।