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CG: प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ ने हासिल किया पहला स्थान, सीएम साय ने टीम को दी बधाई
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Wed, 11 Mar 2026 02:47 PM IST
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सार
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के क्रियान्वयन की फरवरी 2026 की राज्यवार राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने बड़े राज्यों की श्रेणी में पहला स्थान प्राप्त किया है।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के क्रियान्वयन की फरवरी 2026 की राज्यवार राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने बड़े राज्यों की श्रेणी में पहला स्थान प्राप्त किया है। राज्य ने कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।
जारी आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में योजना के तहत 93.37 प्रतिशत नामांकन दर्ज किया गया है, जबकि स्वीकृति दर 83.87 प्रतिशत रही। वहीं शिकायतों के त्वरित समाधान की दर 93.95 प्रतिशत रही है। 30 दिनों से अधिक लंबित मामलों की दर केवल 7.07 प्रतिशत और लंबित शिकायत दर 4.96 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन को दर्शाती है। खास बात यह है कि राज्य ने पिछले महीने की तुलना में छह स्थानों की छलांग लगाते हुए पहला स्थान हासिल किया है।
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मैदानी अमले को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है और राज्य का प्रथम स्थान इस दिशा में किए जा रहे लगातार प्रयासों का परिणाम है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए विभागीय टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों, कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समन्वय और प्रतिबद्धता के कारण ही राज्य यह मुकाम हासिल कर पाया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्रदेश में 1 लाख 86 हजार 586 गर्भवती महिलाओं का योजना के तहत पंजीकरण किया जा चुका है। राज्य सरकार की ओर से अब तक 72 करोड़ 24 लाख 89 हजार रुपये की राशि सीधे पात्र हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।
सरकार का कहना है कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है और छत्तीसगढ़ देश के सामने एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।
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जारी आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में योजना के तहत 93.37 प्रतिशत नामांकन दर्ज किया गया है, जबकि स्वीकृति दर 83.87 प्रतिशत रही। वहीं शिकायतों के त्वरित समाधान की दर 93.95 प्रतिशत रही है। 30 दिनों से अधिक लंबित मामलों की दर केवल 7.07 प्रतिशत और लंबित शिकायत दर 4.96 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन को दर्शाती है। खास बात यह है कि राज्य ने पिछले महीने की तुलना में छह स्थानों की छलांग लगाते हुए पहला स्थान हासिल किया है।
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इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मैदानी अमले को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है और राज्य का प्रथम स्थान इस दिशा में किए जा रहे लगातार प्रयासों का परिणाम है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए विभागीय टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों, कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समन्वय और प्रतिबद्धता के कारण ही राज्य यह मुकाम हासिल कर पाया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्रदेश में 1 लाख 86 हजार 586 गर्भवती महिलाओं का योजना के तहत पंजीकरण किया जा चुका है। राज्य सरकार की ओर से अब तक 72 करोड़ 24 लाख 89 हजार रुपये की राशि सीधे पात्र हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।
सरकार का कहना है कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है और छत्तीसगढ़ देश के सामने एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।