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Hindi News ›   Chhattisgarh ›   CM Sai met with PM laid out his vision for Bastar development, and sought central support for 3 major projects

पीएम मोदी से मिले सीएम विष्णुदेव साय: बस्तर के विकास का रखा विजन; तीन बड़ी परियोजनाओं पर मांगा केंद्र का सहयोग

Fri, 31 Jul 2026 02:21 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Fri, 31 Jul 2026 02:21 PM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के विकास और बस्तर के समग्र परिवर्तन का रोडमैप प्रस्तुत किया।

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CM Sai met with PM laid out his vision for Bastar development, and sought central support for 3 major projects
पीएम मोदी से मिले सीएम विष्णुदेव साय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज शुक्रवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के विकास, बस्तर के बदलते स्वरूप और राज्य की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से तीन प्रमुख परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया। साथ ही बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, पर्यटन, उद्योग और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में हो रहे बदलावों की भी जानकारी दी।
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उन्होंने ने पीएम को बताया कि राज्य सरकार सुरक्षा, विकास और जनविश्वास की नीति पर काम कर रही है। इसके सकारात्मक परिणाम अब बस्तर में साफ दिखाई दे रहे हैं। कभी नक्सल प्रभावित रहा क्षेत्र अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रेल, बिजली, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का उद्देश्य इस बदलाव को स्थायी बनाना और बस्तर को विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह जोड़ना है।
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बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव में प्रस्तावित करीब 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना को शीघ्र मंजूरी देने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है और राज्य सरकार की आवश्यक स्वीकृतियां भी पूरी हो चुकी हैं। इस परियोजना के शुरू होने से प्रदेश सहित आसपास के राज्यों के किसानों को उर्वरक की बेहतर उपलब्धता होगी, साथ ही हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा तथा औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
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मुख्यमंत्री ने बस्तर और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के 461 गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए केंद्र से विशेष सहायता मांगी। उन्होंने कहा कि इन गांवों में फिलहाल ऑफ-ग्रिड व्यवस्था के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। यदि इन्हें स्थायी ग्रिड से जोड़ा जाता है तो शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, रोजगार और छोटे उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा।

उन्होंने रायपुर या बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर क्षेत्र, औषधीय वनस्पतियों और पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान का समृद्ध केंद्र है। ऐसे संस्थान की स्थापना से चिकित्सा, अनुसंधान, शिक्षा और आयुर्वेद आधारित रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को 'बस्तर विजन' के तहत चल रही योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि 'नियद नेल्ला नार 2.0' और 'बस्तर मुन्ने' अभियान के माध्यम से बस्तर संभाग के 5,542 गांवों में सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है, जिससे लगभग 39 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। राशन, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास, वनाधिकार और अन्य योजनाओं को दूरस्थ गांवों तक पहुंचाने का काम तेजी से किया जा रहा है।

शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सल प्रभावित इलाकों में वर्षों से बंद पड़े 421 स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है। इसके अलावा दंतेवाड़ा की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिल सके।



स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अब तक 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया गया है और बस्तर में स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और गीदम में मेडिकल कॉलेज के जरिए चिकित्सा सुविधाएं बेहतर की जा रही हैं।

बैठक में मुख्यमंत्री ने बस्तर में आधारभूत संरचना के विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि लगभग 3,513 करोड़ रुपये की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेल लाइन परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। इसके अलावा रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे और इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित बैराज परियोजना से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। बैराज परियोजना से लगभग 32 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर दशहरा को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पहचान दिलाने के लिए भी योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। चित्रकोट, तीरथगढ़ और अन्य पर्यटन स्थलों के विकास के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बस्तर ओलंपिक में चार लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी ने क्षेत्र में सकारात्मक माहौल तैयार किया है और युवाओं को नई दिशा मिली है।

औद्योगिक निवेश के संबंध में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद प्रदेश को करीब आठ लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें एआई डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्लोबल बीपीओ, गारमेंट, चॉकलेट निर्माण और अन्य आधुनिक उद्योग शामिल हैं। इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 10.42 लाख महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। अगले चरण में 14 लाख और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित लखपति दीदी सम्मेलन में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित भी किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य में तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 500 करोड़ रुपये के राज्य एआई मिशन के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। वहीं सेवा सेतु पोर्टल के जरिए 36 विभागों की 528 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की बेहतर होती वित्तीय स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जीएसटी और खनिज राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साथ ही देश के पहले टिन ब्लॉक और लिथियम ब्लॉक की नीलामी कर छत्तीसगढ़ ने खनिज क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की है।


अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य के विकास से जुड़े प्रस्तावों को केंद्र का सकारात्मक सहयोग मिलेगा और बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में विकास की गति और तेज होगी।
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