दुर्ग: नौकरी के नाम पर कई वर्षों तक नाबालिग से दुष्कर्म, मुख्य आरोपी यूपी से गिरफ्तार, सांसद का निजी सचिव फरार
दुर्ग जिले में नौकरी दिलाने के बहाने एक नाबालिग लड़की से सात साल तक सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से गिरफ्तार किया है।
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दुर्ग जिले में नौकरी दिलाने के बहाने एक नाबालिग लड़की से सात साल तक सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से गिरफ्तार किया है। इस संगीन मामले में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि दो अन्य फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
पीड़िता ने अपनी मां के साथ महिला थाने में गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने पीडब्ल्यूडी विभाग में संविदा नौकरी दिलाने का झांसा देकर वर्ष 2018 से 2023 तक लगातार दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और होटल सागर के मैनेजर विजय स्वाइन, पीडब्ल्यूडी ठेकेदार अनिल चौधरी और पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड कर्मचारी गोविंद सिंह नागवंशी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुख्य आरोपी राजू कश्यप उर्फ कृपा शंकर कश्यप, जो पीडब्ल्यूडी विभाग में टाइम कीपर के पद पर कार्यरत है, को उसके पैतृक गांव गोरखपुर से पकड़ा गया है। उसे न्यायालय में पेश किया गया है।
आरोपी का कबूलनामा और सांसद के निजी सचिव का नाम
मुख्य आरोपी राजू कश्यप ने पीड़िता की मां को नौकरी लगवाई थी। इसके बाद जब पीड़िता काम पर जाने लगी, तभी से आरोपी उसे निशाना बनाने लगे। पीड़िता के बालिग होने पर, राजू कश्यप ने उसे नौकरी का पक्का कराने के बहाने सांसद के निजी सचिव से मिलवाया और उसकी नौकरी लगवाई। इसके बाद, आरोपियों ने पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस और निजी होटलों में पीड़िता के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म की घटनाओं को अंजाम दिया। इस मामले में दुर्ग सांसद विजय बघेल के निजी सचिव भीम नारायण पांडेय और पीडब्ल्यूडी ठेकेदार संजय पंडित के नाम भी सामने आए हैं, जो अभी फरार हैं।
पुलिस की कार्रवाई और फरार आरोपियों की तलाश
जिला पुलिस प्रवक्ता मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर छह लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था। तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य आरोपी राजू कश्यप को गोरखपुर से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है। पुलिस दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है, जिनकी गिरफ्तारी जल्द होने की उम्मीद है। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि सभी दोषी सलाखों के पीछे पहुंच सकें।
सामूहिक दुष्कर्म का शिकार नाबालिग को न्याय दिलाने के प्रयास
पुलिस प्रशासन इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चला रहा है। पीड़िता को न्याय दिलाने और समाज में ऐसे अपराधों के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की जा रही है। पीडब्ल्यूडी विभाग में नौकरी के नाम पर हुए इस घिनौने कृत्य ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।