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Durg: छोटी बहन के बच्चे का अपहरण का लाखों रुपये में बेचा, महिला समेत 5 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया
अमर उजाला नेटवर्क, दुर्ग
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sun, 17 Aug 2025 11:42 AM IST
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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अपने ही छोटी बहन के बच्चे का अपहरण का लाखों रुपये में बेचने के मामले में पुलिस ने महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।
दुर्ग कसारीडीह की रहने वाली पीड़िता सुखारिंग बाई ने अपने 8 माह के बच्चे के अपहरण की शिकायत महिला थाने में दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से देखते हुए विशेष टीम बनाकर खोजबीन की गई। पीड़िता ने पुलिस को जानकारी दी कि उसकी बड़ी बहन संगनी पटना में आर्केस्टा में डांस करती है, उसने जून महीने में उसे बेटे के साथ पटना घूमने के लिया बुलाया था, जहां वह पांच दिन तक रुकी रही।
जुलाई माह में छोटी बहन संगनी और उसके प्रेमी ने पीड़िता को ट्रेन का टिकट देकर दानापुर स्टेशन तक छोड़ने आए थे। और स्टेशन पर दोनों पीड़िता के 8 माह के बच्चे को गोद में लेकर खाना लाने के बहाना बनाकर गायब हो गए। इसी दौरान ट्रेन छूट गई। पीड़िता को बच्चे के अपहरण की आशंका हुई। उसने घर लौटने पर घटना की जानकारी अपने पति को दी। जिसके बाद महिला थाना में मामला दर्ज कराया।
पुलिस ने इस मामले में जांच पड़ताल शुरू की। आरोपी संतोष पाल के मोबाइल नंबर के लोकेशन को खंगला गया। और आरोपी संतोष पाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जिसके बाद पुलिस ने संगनी बाई ,प्रदीप कुमार, डॉ. बादल और गौरी महतो को भी हिरासत में लिया गया।
पुलिस के पूछताछ में सभी आरोपियों ने बताया कि आरोपिया संगनी बाई ने अपनी ही छोटी बहन के बेटे को प्लानिंग के तहत पटना बुलाकर अपहरण किया और आरोपी प्रदीप को सौंप दिया। प्रदीप ने बच्चे को डॉ. बादल के हवाले किया। इसके बाद डॉ. प्रदीप ने 7 लाख में गौरी महतो को बेच दिया। आरोपी गौरी महतो की कोई संतान नहीं है, पारिवारिक विवाद में संपति के वारिस की जरूरत पड़ रही थी। इस कारण से उसने अपने परिचित डॉ. बादल से संपर्क किया और बच्चा गोद दिलाने को कहा।
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दुर्ग कसारीडीह की रहने वाली पीड़िता सुखारिंग बाई ने अपने 8 माह के बच्चे के अपहरण की शिकायत महिला थाने में दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से देखते हुए विशेष टीम बनाकर खोजबीन की गई। पीड़िता ने पुलिस को जानकारी दी कि उसकी बड़ी बहन संगनी पटना में आर्केस्टा में डांस करती है, उसने जून महीने में उसे बेटे के साथ पटना घूमने के लिया बुलाया था, जहां वह पांच दिन तक रुकी रही।
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जुलाई माह में छोटी बहन संगनी और उसके प्रेमी ने पीड़िता को ट्रेन का टिकट देकर दानापुर स्टेशन तक छोड़ने आए थे। और स्टेशन पर दोनों पीड़िता के 8 माह के बच्चे को गोद में लेकर खाना लाने के बहाना बनाकर गायब हो गए। इसी दौरान ट्रेन छूट गई। पीड़िता को बच्चे के अपहरण की आशंका हुई। उसने घर लौटने पर घटना की जानकारी अपने पति को दी। जिसके बाद महिला थाना में मामला दर्ज कराया।
पुलिस ने इस मामले में जांच पड़ताल शुरू की। आरोपी संतोष पाल के मोबाइल नंबर के लोकेशन को खंगला गया। और आरोपी संतोष पाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जिसके बाद पुलिस ने संगनी बाई ,प्रदीप कुमार, डॉ. बादल और गौरी महतो को भी हिरासत में लिया गया।
पुलिस के पूछताछ में सभी आरोपियों ने बताया कि आरोपिया संगनी बाई ने अपनी ही छोटी बहन के बेटे को प्लानिंग के तहत पटना बुलाकर अपहरण किया और आरोपी प्रदीप को सौंप दिया। प्रदीप ने बच्चे को डॉ. बादल के हवाले किया। इसके बाद डॉ. प्रदीप ने 7 लाख में गौरी महतो को बेच दिया। आरोपी गौरी महतो की कोई संतान नहीं है, पारिवारिक विवाद में संपति के वारिस की जरूरत पड़ रही थी। इस कारण से उसने अपने परिचित डॉ. बादल से संपर्क किया और बच्चा गोद दिलाने को कहा।