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आज से बदला बिजली टैरिफ: छत्तीसगढ़ में उपभोक्ताओं पर बढ़ा बिल का बोझ, नए नियम भी लागू
Wed, 01 Jul 2026 11:11 AM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Wed, 01 Jul 2026 11:11 AM IST
सार
राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जारी नए टैरिफ के तहत घरेलू, व्यावसायिक और कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को अब पहले की तुलना में अधिक बिजली बिल चुकाना होगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई यानी आज बुधवार से बिजली की नई दरें प्रभावी हो गई हैं। राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जारी नए टैरिफ के तहत घरेलू, व्यावसायिक और कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को अब पहले की तुलना में अधिक बिजली बिल चुकाना होगा। अधिकांश श्रेणियों में प्रति यूनिट 30 से 50 पैसे तक की बढ़ोतरी की गई है।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 0 से 100 यूनिट तक बिजली की दर 4.10 रुपये से बढ़ाकर 4.40 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है। इसी तरह 101 से 200 यूनिट पर 4.50 रुपये, 201 से 400 यूनिट पर 6 रुपये, 401 से 600 यूनिट पर 7 रुपये तथा 600 यूनिट से अधिक खपत पर 8.80 रुपये प्रति यूनिट की दर लागू होगी। व्यावसायिक उपभोक्ताओं की दरों में भी 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है, जबकि कृषि पंपों के लिए बिजली 40 पैसे प्रति यूनिट महंगी हो गई है।
नई टैरिफ व्यवस्था में भुगतान संबंधी नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब अग्रिम बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को मिलने वाली छूट 1.25 प्रतिशत से घटाकर 0.75 प्रतिशत कर दी गई है। वहीं, समय पर बिल जमा नहीं करने पर पहले की तरह 1.5 प्रतिशत मासिक सरचार्ज नहीं लगेगा। इसकी जगह अब हर दिन 0.04 प्रतिशत की दर से विलंब शुल्क वसूला जाएगा।
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अस्थायी बिजली कनेक्शन लेने वालों पर भी अतिरिक्त भार बढ़ा है। एलवी-1 और एलवी-2 श्रेणी के अस्थायी कनेक्शनों पर पहले सामान्य टैरिफ का 1.25 गुना शुल्क लिया जाता था, जिसे बढ़ाकर अब 1.5 गुना कर दिया गया है।
हालांकि, बकाया बिजली बिल वाले उपभोक्ताओं के लिए सरकार ने राहत भी दी है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, पुराने बकाया बिल जमा करने के लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इस अवधि में भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं से विलंब अधिभार (सरचार्ज) नहीं लिया जाएगा।
इसके अलावा, निर्धारित समय सीमा के भीतर बकाया राशि जमा करने वाले पात्र उपभोक्ताओं को 10 प्रतिशत की विशेष छूट भी मिलेगी। सरकार का कहना है कि इस फैसले से लाखों उपभोक्ताओं को लंबित बिजली बिल चुकाने में आर्थिक राहत मिलेगी, जबकि नई दरों के लागू होने से बिजली वितरण व्यवस्था को भी वित्तीय मजबूती मिलेगी।
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घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 0 से 100 यूनिट तक बिजली की दर 4.10 रुपये से बढ़ाकर 4.40 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है। इसी तरह 101 से 200 यूनिट पर 4.50 रुपये, 201 से 400 यूनिट पर 6 रुपये, 401 से 600 यूनिट पर 7 रुपये तथा 600 यूनिट से अधिक खपत पर 8.80 रुपये प्रति यूनिट की दर लागू होगी। व्यावसायिक उपभोक्ताओं की दरों में भी 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है, जबकि कृषि पंपों के लिए बिजली 40 पैसे प्रति यूनिट महंगी हो गई है।
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नई टैरिफ व्यवस्था में भुगतान संबंधी नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब अग्रिम बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को मिलने वाली छूट 1.25 प्रतिशत से घटाकर 0.75 प्रतिशत कर दी गई है। वहीं, समय पर बिल जमा नहीं करने पर पहले की तरह 1.5 प्रतिशत मासिक सरचार्ज नहीं लगेगा। इसकी जगह अब हर दिन 0.04 प्रतिशत की दर से विलंब शुल्क वसूला जाएगा।
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अस्थायी बिजली कनेक्शन लेने वालों पर भी अतिरिक्त भार बढ़ा है। एलवी-1 और एलवी-2 श्रेणी के अस्थायी कनेक्शनों पर पहले सामान्य टैरिफ का 1.25 गुना शुल्क लिया जाता था, जिसे बढ़ाकर अब 1.5 गुना कर दिया गया है।
हालांकि, बकाया बिजली बिल वाले उपभोक्ताओं के लिए सरकार ने राहत भी दी है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, पुराने बकाया बिल जमा करने के लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इस अवधि में भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं से विलंब अधिभार (सरचार्ज) नहीं लिया जाएगा।
इसके अलावा, निर्धारित समय सीमा के भीतर बकाया राशि जमा करने वाले पात्र उपभोक्ताओं को 10 प्रतिशत की विशेष छूट भी मिलेगी। सरकार का कहना है कि इस फैसले से लाखों उपभोक्ताओं को लंबित बिजली बिल चुकाने में आर्थिक राहत मिलेगी, जबकि नई दरों के लागू होने से बिजली वितरण व्यवस्था को भी वित्तीय मजबूती मिलेगी।