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विदेशियों को बना रहे थे शिकार: रायपुर में फर्जी कॉल सेंटर गैंग का पर्दाफाश, 40 हिरासत में
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 26 Mar 2026 03:29 PM IST
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सार
पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया गया कि गिरोह अमेरिका और यूरोप के नागरिकों को टारगेट करता था। आरोपियों द्वारा लोन दिलाने, रिफंड प्रोसेस करने और तकनीकी सहायता देने के नाम पर लोगों को झांसे में लिया जाता था।
पुलिस के गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रायपुर में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। शहर के अलग-अलग इलाकों में संचालित तीन फर्जी कॉल सेंटरों पर एक साथ छापेमारी कर करीब 40 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। कार्रवाई रायपुर के गंज और राजेंद्र नगर थाना क्षेत्रों में की गई, जहां से यह अवैध कॉल सेंटर संचालित हो रहे थे। पुलिस के मुताबिक, इन सेंटरों के जरिए विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर बड़े स्तर पर ठगी की जा रही थी।
पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया गया कि गिरोह अमेरिका और यूरोप के नागरिकों को टारगेट करता था। आरोपियों द्वारा लोन दिलाने, रिफंड प्रोसेस करने और तकनीकी सहायता देने के नाम पर लोगों को झांसे में लिया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी खुद को अमेज़न और एप्पल जैसी कंपनियों के कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर लोगों का विश्वास जीतते थे।
गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी। आरोपी इंटरनेट पर फर्जी कस्टमर केयर नंबरों को सर्च रिजल्ट में ऊपर दिखाने की तकनीक अपनाते थे। जब विदेशी नागरिक इन नंबरों पर संपर्क करते, तो उन्हें झांसे में लेकर बैंकिंग और कार्ड डिटेल्स हासिल कर ठगी की जाती थी। यह पूरा नेटवर्क समय के हिसाब से संचालित होता था। कॉल सेंटर का काम शाम 7:30 बजे शुरू होता था, क्योंकि उस समय अमेरिका और यूरोप में दिन होता है। पूरी रात आरोपियों द्वारा विदेशी नागरिकों को कॉल कर या कॉल रिसीव कर ठगी को अंजाम दिया जाता था।
भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त
पुलिस ने छापेमारी के दौरान 20 लैपटॉप, 50 डेस्कटॉप और करीब 50 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन उपकरणों की जांच से नेटवर्क के और बड़े खुलासे होने की संभावना है। फिलहाल सभी हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह कई राज्यों में फैला हुआ है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया गया कि गिरोह अमेरिका और यूरोप के नागरिकों को टारगेट करता था। आरोपियों द्वारा लोन दिलाने, रिफंड प्रोसेस करने और तकनीकी सहायता देने के नाम पर लोगों को झांसे में लिया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी खुद को अमेज़न और एप्पल जैसी कंपनियों के कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर लोगों का विश्वास जीतते थे।
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गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी। आरोपी इंटरनेट पर फर्जी कस्टमर केयर नंबरों को सर्च रिजल्ट में ऊपर दिखाने की तकनीक अपनाते थे। जब विदेशी नागरिक इन नंबरों पर संपर्क करते, तो उन्हें झांसे में लेकर बैंकिंग और कार्ड डिटेल्स हासिल कर ठगी की जाती थी। यह पूरा नेटवर्क समय के हिसाब से संचालित होता था। कॉल सेंटर का काम शाम 7:30 बजे शुरू होता था, क्योंकि उस समय अमेरिका और यूरोप में दिन होता है। पूरी रात आरोपियों द्वारा विदेशी नागरिकों को कॉल कर या कॉल रिसीव कर ठगी को अंजाम दिया जाता था।
भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त
पुलिस ने छापेमारी के दौरान 20 लैपटॉप, 50 डेस्कटॉप और करीब 50 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन उपकरणों की जांच से नेटवर्क के और बड़े खुलासे होने की संभावना है। फिलहाल सभी हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह कई राज्यों में फैला हुआ है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।