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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: पर्यटन स्थलों का होगा कायाकल्प, कलेक्टर ने जायजा लिया
Sat, 18 Jul 2026 11:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
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Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2026 11:57 AM IST
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पर्यटन स्थलों का होगा कायाकल्प, कलेक्टर ने जायजा लिया
- फोटो : अमर उजाला
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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल राजमेरगढ़ के समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से कलेक्टर विजय दयाराम के. ने शनिवार को राजमेरगढ़ का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन बैगा कुटीर सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों का अवलोकन कर अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास के साथ स्थानीय लोगों की आजीविका को भी बढ़ावा देना शासन की प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर राजमेरगढ़ पहाड़ की चोटी पर निर्माणाधीन बैगा कुटीर पहुंचे और निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को निर्देशित किया कि बैगा कुटीर का निर्माण प्राकृतिक परिवेश के अनुरूप आकर्षक, हवादार और पर्यटकों के लिए सुविधाजनक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी सावन माह में ज्वालेश्वर धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है, इसलिए निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
कलेक्टर ने इसके बाद ज्वालेश्वर धाम, माई का मड़वा, दुर्गाधारा तथा ठाड़ पथरा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां विकसित अधोसंरचना, पेयजल, स्वच्छता, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, जिससे जिले में पर्यटन को नई पहचान मिल सके।
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निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पर्यटन प्रबंधन समितियों के सदस्यों से चर्चा कर उनकी आय-व्यय व्यवस्था, आजीविका गतिविधियों तथा पर्यटन संचालन की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने समितियों को स्थानीय हस्तशिल्प, वनोपज, पारंपरिक खाद्य सामग्री एवं अन्य स्थानीय उत्पादों को पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया, ताकि ग्रामीणों की आय में वृद्धि हो सके। साथ ही संबंधित विभागों को समितियों को आवश्यक प्रशिक्षण, विपणन एवं अन्य सभी प्रकार का सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि पर्यटन स्थलों का विकास केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि स्थानीय संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और जनजातीय परंपराओं को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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निरीक्षण के दौरान कलेक्टर राजमेरगढ़ पहाड़ की चोटी पर निर्माणाधीन बैगा कुटीर पहुंचे और निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को निर्देशित किया कि बैगा कुटीर का निर्माण प्राकृतिक परिवेश के अनुरूप आकर्षक, हवादार और पर्यटकों के लिए सुविधाजनक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी सावन माह में ज्वालेश्वर धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है, इसलिए निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
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कलेक्टर ने इसके बाद ज्वालेश्वर धाम, माई का मड़वा, दुर्गाधारा तथा ठाड़ पथरा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां विकसित अधोसंरचना, पेयजल, स्वच्छता, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, जिससे जिले में पर्यटन को नई पहचान मिल सके।
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निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पर्यटन प्रबंधन समितियों के सदस्यों से चर्चा कर उनकी आय-व्यय व्यवस्था, आजीविका गतिविधियों तथा पर्यटन संचालन की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने समितियों को स्थानीय हस्तशिल्प, वनोपज, पारंपरिक खाद्य सामग्री एवं अन्य स्थानीय उत्पादों को पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया, ताकि ग्रामीणों की आय में वृद्धि हो सके। साथ ही संबंधित विभागों को समितियों को आवश्यक प्रशिक्षण, विपणन एवं अन्य सभी प्रकार का सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि पर्यटन स्थलों का विकास केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि स्थानीय संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और जनजातीय परंपराओं को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।