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मौसम: उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में मानसून एक हफ्ते सक्रिय, अरुणाचल के 35 गांव में बाढ़; IMD के अलर्ट में क्या?
Sun, 19 Jul 2026 05:55 AM IST
ज्योति भास्कर
अमर उजाला ब्यूरो/ एजेंसी।
अमर उजाला ब्यूरो/ एजेंसी।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sun, 19 Jul 2026 05:55 AM IST
सार
कई राज्यों में बारिश कहर बनकर बरस रही है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में मानसून एक सप्ताह सक्रिय रहेगा। अरुणाचल के 35 गांवों में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित है। उत्तराखंड में भूस्खलन से रास्ते प्रभावित हुए हैं। जम्मू-कश्मीर में मानसरोवर यात्रा रोकनी पड़ी है।
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कई राज्यों में मौसम की मार
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
मौसम विभाग (आईएमडी) ने अगले छह से सात दिनों तक उत्तर-पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में मानसून के सक्रिय रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान कई राज्यों में भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। वहीं, पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले सात दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है।
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बाढ़ के कारण अरुणाचल में कितना असर?
अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में अपर सुबनसिरी जिले के गिबा, निलिंग, चेतम और दापोरिजो सर्किलों के 35 गांवों में बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 1,13,674 लोग प्रभावित हुए हैं। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में तवाघाट-गुंजी कैलाश यात्रा मार्ग पर गर्बाधार और तंपा मंदिर के बीच पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा प्रभावित हुई है।
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हिमाचल प्रदेश में भी लगातार बारिश
आवाजाही ठप होने पर चौथे दल के यात्रियों को धारचूला में रोका गया है। सड़क खुलने पर यात्री रविवार को धारचूला से गुंजी रवाना होंगे। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कार्मिक जेसीबी से मलबा, बोल्डर हटाकर सड़क खोलने में जुटे हैं। हिमाचल प्रदेश में भी लगातार बारिश का असर जनजीवन पर दिखा। चंबा में शनिवार सुबह केरू के पास भूस्खलन से पठानकोट-भरमौर नेशनल हाईवे कई घंटे बंद रहा। चुवाड़ी-भराड़ी मार्ग पर मलबे में फंसे एक वाहन से लोगों को सुरक्षित बचाया गया।
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दिल्ली-एनसीआर में कल से होगी बारिश, तापमान में आएगी गिरावट
दिल्ली-एनसीआर में अगले चार दिनों तक मौसम में बदलाव दिखेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 19 जुलाई को आसमान में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की बारिश, गरज-चमक और 20 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हालांकि उमस बनी रहेगी और अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
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20 जुलाई से बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। सुबह और शाम कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चलेंगी। इसके असर से दिन का तापमान घटकर 32 से 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। 21 को भी बादल छाए रहेंगे।
हिमाचल में रेड अलर्ट, पंजाब में अगले पांच दिन बारिश
मौसम विभाग ने हिमाचल में अगले दो दिन रेड अलर्ट के बीच भारी से अत्यधिक भारी बारिश, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की गई है, जबकि पंजाब में रविवार से अगले पांच दिन भारी बारिश का अलर्ट है। इसका सबसे ज्यादा असर पंजाब के सीमावर्ती जिले पठानकोट में दिखाई देने लगा है।
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सांगला में फटा बादल, आईटीबीपी कैंप में गुमटी व मंदिर बहा : किन्नौर की सांगला वैली में बादल फटने से मस्तरंग के पास ग्रागा नाले में बाढ़ आ गई। इससे सांगला-छितकुल सड़क बंद होने के साथ आईटीबीपी कैंप के गेट पर स्थित गुमटी व मां दुर्गा का मंदिर बह गया। बैरकों में भी पानी घुस गया है। पहाड़ पर गरजना सुनने व नाले में बढ़े पानी को देख आईटीबीपी की गुमटी से जवान पहले ही बाहर निकल गए थे।
राहत : कटड़ा में 10 घंटे बाद खुला बैटरी मार्ग
कटड़ा में शुक्रवार रात रुक-रुक कर हुई बारिश के चलते श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड प्रशासन ने रात करीब नौ बजे बैटरी कार मार्ग को एहतियातन बंद कर दिया था। शनिवार सुबह करीब सात बजे इस मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए पुन: खोल दिया गया। 10 घंटे बंद रहने के बाद मार्ग खुलने से यात्रियों ने राहत की सांस ली।
शनिवार को दिनभर त्रिकुटा पर्वत पर बादलों का डेरा बना रहा। इसके कारण कटड़ा से श्रद्धालुओं के लिए हेलिकॉप्टर सेवा लगातार प्रभावित रही। हेलिकॉप्टर सेवा बंद रहने से श्रद्धालु पैदल, घोड़े, पिट्ठू तथा पालकी के माध्यम से भवन की ओर रवाना होते रहे। शनिवार को शाम पांच बजे तक करीब 23 हजार श्रद्धालु पंजीकरण करवाकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे।