जगदलपुर: एनएमडीसी की वादाखिलाफी पर कांग्रेस का धरना, 11 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई की मांग
बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी ने एनएमडीसी के खिलाफ वादाखिलाफी और 11 सूत्रीय मांगों को लेकर एनएमडीसी गेट के सामने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने इस प्रदर्शन में भाग लिया।
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बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी ने एनएमडीसी के खिलाफ वादाखिलाफी और 11 सूत्रीय मांगों को लेकर एनएमडीसी गेट के सामने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने इस प्रदर्शन में भाग लिया। सुशील मौर्य ने आरोप लगाया कि एनएमडीसी ने 300 करोड़ रुपये के टेंडर प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन किया है। योग्य कंपनियों को बाहर कर एक विशेष कंपनी एफएसएनएल को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। निविदा शर्तों में अचानक बदलाव को लेकर कांग्रेस ने एनएमडीसी के मुख्य विजिलेंस अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। पार्टी का कहना है कि चयन प्रक्रिया में बड़ी गड़बड़ियां और भ्रष्टाचार साफ दिखाई दे रहा है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
स्थानीय युवाओं के लिए आरक्षण और विकास कार्यों की मांग
कांग्रेस की प्रमुख मांगों में बस्तर को पूर्णतः अनुसूचित क्षेत्र और आदिवासियों की बहुलता को देखते हुए सरकारी और सार्वजनिक उपक्रमों में स्थानीय निवासियों, विशेषकर युवाओं के लिए 50% आरक्षण शामिल है। इससे उन्हें रोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्र का विकास होगा। इसके अतिरिक्त, एनएमडीसी से प्रभावित गांवों के विकास के लिए पूर्व की तरह सीएसआर फंड के तहत प्रत्येक गांव को राशि उपलब्ध कराने की मांग की गई है। यह राशि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार के अवसरों में निवेश के लिए उपयोग की जाएगी, जिससे बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।
पर्यावरण प्रदूषण और स्वास्थ्य सेवाओं पर चिंता
धरना प्रदर्शनकारियों ने एनएमडीसी खनन से निकलने वाले दूषित लाल पानी और अपशिष्ट पदार्थों से नगरनार के आसपास के गांवों और नदियों में हो रहे प्रदूषण पर गहरी चिंता व्यक्त की। यह पानी खेतों में मिलकर मिट्टी को जहरीला बना रहा है, जिससे खेती और पर्यावरण को काफी नुकसान हो रहा है। एनएमडीसी द्वारा 'जीरो डिस्चार्ज' के लक्ष्य का पालन न करने और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया। उन्होंने मांग की कि अपशिष्ट पदार्थ और जहरीले पानी को ग्रामीण क्षेत्रों में न छोड़ा जाए। साथ ही, कोपागुड़ा में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनने तक डिमरापाल में बन रहे अस्पताल में एनएमडीसी कर्मचारियों के साथ-साथ प्रभावित गांवों के लोगों को भी प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार का लाभ मिले। एनएमडीसी से कोपागुड़ा में अस्पताल निर्माण और बस्तर के बच्चों के लिए आवासीय स्कूल बनाने की भी मांग की गई है, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।