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'सरेंडर करने वाले नक्सली साथी गद्दार हैं': चार पन्नों का पत्र किया जारी, भूपति और सोनू दादा का जिक्र
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: अनुज कुमार
Updated Mon, 20 Oct 2025 12:06 PM IST
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सार
तेलंगाना में नक्सली सोनू दादा और जगदलपुर में भूपति ने सरकार के आगे सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले नक्सलियों को सजा देने के लिए प्रवक्ता ने चार पन्नों का पत्र जारी किया। आत्मसमर्पण को विश्वासघात बताया है।
सरेंडर करने वाले नक्सलियों को धमकी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तेलंगाना में सोनू दादा और उसके बाद जगदलपुर में भूपति के सरेंडर के बाद नक्सलियों ने इनके साथ समर्थन देने वाले सभी साथियों को सजा देने की बात कही गई है, इस नाराजगी को केंद्रीय समिति के प्रवक्ता अभय ने 4 पन्नों का पत्र जारी किया है।
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केंद्रीय समिति के प्रवक्ता अभय ने जारी किए गए अपने पत्र में बताया कि नक्सलियों ने अपने सबसे महत्वपूर्ण पद पोलित ब्यूरो सदस्य सोनू दादा को बनाया गया था, जहां सोनू दादा ने अपने ही लोगों से गद्दारी करते हुए अपने 60 साथियों के साथ मिलकर महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने हथियार के साथ सरेंडर कर दिया था।
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वहीं इस सरेंडर के एक दिन बाद ही 210 साथियों के साथ भूपति ने जगदलपुर में आकर सरेंडर कर दिया था। इस घटना के बाद से नक्सलियों में काफी नाराजगी देखने को मिली। जहां अपने साथियों की इस गद्दारी से नाखुश साथियों ने सरेंडर कर चुके सोनू दादा, सतीश और उसके 61 साथियों को सजा देने का फरमान जारी किया है।
चार पन्नों का पत्र भी जारी किया है। वहीं इन सभी को गद्दार कहते हुए दलबदलू की संज्ञा देते हुए पार्टी से बाहर निकाले जाने की बात कही है। साथ ही नक्सलियों की पार्टी ने इस बात को भी माना है कि उन्होंने सोनू दादा को पोलित ब्यूरो सदस्य का पद भी दे दिया था। इस समर्पण के बाद से डीकेएसजेड सी सदस्य विवेक, वैकल्पिक सदस्य दीपा के अलावा 10 संभागभर के ओहदेदारो में काफी नाराजगी देखने को मिली है। सोनू दादा ने अपने 60 साथियों के साथ मिलकर 50 अधिकारियों ने गढ़चिरौली में जाकर आत्मसमर्पण कर दिया था।