सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Jagdalpur News ›   Sukma Teacher Mamta Singh Honoured for Innovative Work in Accessible Education

Sukma: शिक्षिका ममता सिंह ने इस क्षेत्र में बढ़ाया सुकमा जिले का मान, राज्यपाल रमेन डेका ने किया सम्मान

अमर उजाला नेटवर्क, सुकमा Published by: जगदलपुर ब्यूरो Updated Thu, 29 Jan 2026 08:20 PM IST
विज्ञापन
सार

दिव्यांग बच्चों के लिए समावेशी और सुलभ शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए सुकमा जिले की शिक्षिका ममता सिंह को राज्यपाल ने सम्मानित किया। 

Sukma Teacher Mamta Singh Honoured for Innovative Work in Accessible Education
pic
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

दिव्यांग बच्चों के लिए समावेशी और सुलभ शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए सुकमा जिले की शिक्षिका ममता सिंह को राज्यपाल ने सम्मानित किया। रायपुर स्थित लोक भवन सिविल लाइन में आयोजित कार्यक्रम में ब्रेल और ऑडियो आधारित शैक्षणिक सामग्री के विस्तार को लेकर यह सम्मान प्रदान किया गया।
Trending Videos


कार्यक्रम के दौरान दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई दो ब्रेल पुस्तकों का विमोचन किया गया, वहीं 3200 से अधिक ऑडियो बुक्स को एक साथ लोकार्पित किया गया। इस अवसर पर ममता सिंह को हल्बी बोली में बस्तर अंचल की संस्कृति, पर्यटन स्थलों, छत्तीसगढ़ी कहानियों तथा दिव्यांग खिलाड़ियों की आत्मकथाओं पर आधारित 100 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार करने के लिए स्मृति चिह्न प्रदान किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन ऑडियो बुक्स में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के सभी विषयों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी सामग्री भी शामिल है। इसके अतिरिक्त महिला सशक्तिकरण, दिव्यांगजनों के लिए सरकारी योजनाएं, सामान्य ज्ञान तथा हल्बी, छत्तीसगढ़ी, हिंदी और पंजाबी भाषाओं में अलग-अलग प्लेलिस्ट तैयार की गई हैं। यह संपूर्ण सामग्री “वर्ल्ड ऑडियो बुक” यूट्यूब चैनल पर 65 प्लेलिस्ट के माध्यम से उपलब्ध है।

माध्यमिक शाला कुम्हाररस में पदस्थ सहायक शिक्षिका ममता सिंह ने बताया कि उन्होंने इस अभियान की शुरुआत अक्टूबर 2024 में की थी। प्रारंभ में उन्होंने स्वयं 800 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार कीं, जिसके बाद राज्य के विभिन्न जिलों के शिक्षकों के सहयोग से यह संख्या 3200 के पार पहुंच गई। इस पहल में कुल 30 शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता रही। ब्रेल पुस्तकों का निर्माण कर छत्तीसगढ़ के 20 ब्रेल विद्यालयों को निःशुल्क प्रतियां उपलब्ध कराई गई हैं। कार्यक्रम में इस प्रयास को शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रभावी और अनुकरणीय मॉडल बताया गया, जिसे अन्य राज्यों में भी लागू करने की दिशा में पहल किए जाने की बात कही गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed