फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Jagdalpur News ›   Administration halts marriages of two minor girls daughters get a new opportunity for their future in Jagdalpu

Jagdalpur: प्रशासन ने रुकवाई दो नाबालिग लड़कियों की शादियां, बेटियों के भविष्य को मिला नया अवसर

Sat, 13 Jun 2026 01:42 PM IST
जगदलपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, सुकमा
अमर उजाला नेटवर्क, सुकमा Published by: जगदलपुर ब्यूरो Updated Sat, 13 Jun 2026 01:42 PM IST
सार

सुकमा जिले में बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रशासन ने दो नाबालिग बालिकाओं की शादी समय रहते रुकवाकर उनके भविष्य को सुरक्षित करने की पहल की है।

विज्ञापन
Administration halts marriages of two minor girls daughters get a new opportunity for their future in Jagdalpu
फ़ोटो

विस्तार

सुकमा जिले में बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रशासन ने दो नाबालिग बालिकाओं की शादी समय रहते रुकवाकर उनके भविष्य को सुरक्षित करने की पहल की है। जागरूकता और समझाइश के जरिए दोनों परिवारों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई, जिसके बाद उन्होंने विवाह स्थगित करने पर सहमति जताई।

विज्ञापन


पहला मामला धुरगुड़ा-पोगाभेज्जी गांव का है, जहां स्थानीय परंपरा के तहत 17 वर्षीय बालिका का विवाह तय किया जा रहा था। सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड लाइन और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गांव पहुंची। टीम ने दोनों पक्षों से चर्चा कर बाल विवाह के दुष्परिणामों और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 की जानकारी दी। समझाइश के बाद परिवार ने विवाह टालने का निर्णय लिया।
विज्ञापन


दूसरा मामला सिरसेट्टी के पांडुरूपारा का है, जहां 15 जून को एक नाबालिग बालिका का विवाह प्रस्तावित था। विवाह की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं और सामुदायिक भोज की व्यवस्था भी की जा रही थी। प्रशासनिक टीम ने परिजनों को कम उम्र में विवाह से होने वाले स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक प्रभावों के बारे में बताया। इसके बाद परिवार ने विवाह स्थगित करने की सहमति दी। दोनों मामलों में संबंधित पक्षों से घोषणा-पत्र और पंचनामा तैयार कराया गया तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी गई। प्रशासन का मानना है कि जागरूकता, संवाद और सामुदायिक सहयोग के माध्यम से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

फ़ोटो

फ़ोटो

 

फ़ोटो

फ़ोटो

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed