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बस्तर दशहरा 2026: पाट जात्रा पूजा से 75 दिनी ऐतिहासिक पर्व की आज से होगी शुरुआत, जानें क्या होगा खास
Wed, 12 Aug 2026 10:57 AM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Wed, 12 Aug 2026 10:57 AM IST
सार
Bastar Dussehra: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में 75 दिनों तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा की आज से शुरुआत होगी। 12 अगस्त को बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पाट जात्रा पूजा के साथ बस्तर दशहरा पर्व का आगाज होगा।
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बस्तर दशहरा
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
Bastar Dussehra: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में 75 दिनों तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा की आज से शुरुआत होगी। 12 अगस्त को बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पाट जात्रा पूजा के साथ बस्तर दशहरा पर्व का आगाज होगा। इस दौरान पारंपरिक मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाइक-पाइक और सेवादार रथ निर्माण के लिए औजार बनाने की रस्म अदा करेंगे। बस्तर दशहरा समिति ने सभी सेवादारों, ग्रामीणों और गणमान्य नागरिकों को इस पूजा विधान में शामिल होने का अनुरोध किया है।
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मां दंतेश्वरी को समर्पित 75 दिवसीय दशहरा पर्व अपनी अनूठी लोक-परंपराओं, जनजातीय संस्कृति और शानदार रस्मों के लिए विश्व विख्यात है। 75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा का मुख्य कार्यक्रम जारी किया गया है। 12 अगस्त बुधवार से पाट जात्रा पूजा विधान दशहरा पर्व का शुभारंभ होगा। 24 सितम्बर को डेरी गड़ाई पूजा विधान, 10 अक्टूबर शनिवार को काछनगादी पूजा विधान, 11 अक्टूबर रविवार को कलश स्थापना पूजा विधान, 12 अक्टूबर सोमवार को जोगी बिठाई पूजा विधान के रस्म का आयोजन किया जाएगा।
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देखें कार्यक्रम का शेड्यूल
13 अक्टूबर से 18 अक्टूबर को प्रतिदिन नवरात्रि पूजा एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, 18 अक्टूबर रविवार को सुबह 11 बजे बेल पूजा विधान, 19 अक्टूबर सोमवार को महाअष्टमी पूजा विधान एवं निशा जात्रा पूजा विधान, 20 अक्टूबर मंगलवार को कुंवारी पूजा विधान, जोगी उठाई पूजा विधान एवं मावली परघाव होगा। 21 अक्टूबर बुधवार को भीतर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा, 22 अक्टूबर गुरूवार को बाहर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा, 23 अक्टूबर शुक्रवार को सुबह काछन जात्रा पूजा विधान, दोपहर में ऐतिहासिक मुरिया दरबार लगेगी। 24 अक्टूबर शनिवार कुटुम्ब जात्रा पूजा विधान ग्राम्य देवी-देवताओं की विदाई, 27 अक्टूबर मंगलवार मावली माता की डोली की विदाई पूजा विधान के साथ पर्व का समापन होगा।
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