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बिजली कंपनी बेच रही साय सरकार!:पिछले दरवाजे से बेचने की रच रही साजिश, छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने लगाये गंभीर आरोप
Thu, 06 Aug 2026 09:44 AM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Thu, 06 Aug 2026 09:44 AM IST
सार
Chhattisgarh Politics: साय मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी लिमिटेड को आमजन एवं संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से 200 करोड़ रुपए तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर/बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
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पीसीसी चीफ दीपक बैज, सीएम विष्णुदेव साय
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने साय सरकार के पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी को स्टाक मार्केट में लिस्टेड करने के फैसले पर विरोध जताया है। पार्टी ने आरोप लगाते हुए कहा कि साय सरकार प्रदेश के स्वामित्व वाली सरकारी कंपनी को शेयर मार्केट में लिस्टेड करके शेयर के माध्यम से निजीकरण करने की साजिश रच रही है। स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी का आईपीओ विद्युत मंडल को बेचने की षड्यंत्र रची जा रही है। राज्य में बनने वाली बिजली को वितरण का काम पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के पास है। सरकार इसका शेयर निकालकर उद्योगपतियों को पिछले दरवाजे से बेचने की साजिश रच रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि साय मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी लिमिटेड को आमजन एवं संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से 200 करोड़ रुपए तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर/बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। छत्तीसगढ़ की बिजली कंपनियां आत्मनिर्भर हैं। बिजली बनाने का पूरा संसाधन राज्य के पास उपलब्ध है। राज्य में बनने वाली बिजली को वितरण का काम पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के पास है। सरकार इसका शेयर निकालकर उद्योगपतियों को पिछले दरवाजे से बेचने की कोशिश कर रही है। आरोप लगाया कि राज्य विद्युत वितरण कंपनी को अडानी को सौंपने के लिये इसका शेयर निकाला जा रहा है। सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन नीति की वजह से सार्वजनिक कंपनी का आईपीओ निकाला जा रहा है।
'बिजली बिल हाफ योजना बंद'
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार महंगी बिजली करने, स्मार्ट मीटर में बेतहाशा वसूली और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना बंद कर आम आदमी को लूटने के बाद भी सरकार बिजली कंपनी को आत्मनिर्भर नहीं बना पाई है। अब कंपनी को ही बेचने का षड़यंत्र रच रहे हैं। सार्वजनिक इकाइयों को बेचने की बीजेपी की पुरानी फितरत है। मोदी सरकार ने भी देश की 27 से अधिक सार्वजनिक उपक्रमों को बेचा था। राज्य की भाजपा सरकार अब प्रदेश की रीढ़ की हड्डी बिजली कंपनी को ही बेचने का षड़यंत्र कर रही है।
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि साय मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी लिमिटेड को आमजन एवं संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से 200 करोड़ रुपए तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर/बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। छत्तीसगढ़ की बिजली कंपनियां आत्मनिर्भर हैं। बिजली बनाने का पूरा संसाधन राज्य के पास उपलब्ध है। राज्य में बनने वाली बिजली को वितरण का काम पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के पास है। सरकार इसका शेयर निकालकर उद्योगपतियों को पिछले दरवाजे से बेचने की कोशिश कर रही है। आरोप लगाया कि राज्य विद्युत वितरण कंपनी को अडानी को सौंपने के लिये इसका शेयर निकाला जा रहा है। सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन नीति की वजह से सार्वजनिक कंपनी का आईपीओ निकाला जा रहा है।
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'बिजली बिल हाफ योजना बंद'
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार महंगी बिजली करने, स्मार्ट मीटर में बेतहाशा वसूली और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना बंद कर आम आदमी को लूटने के बाद भी सरकार बिजली कंपनी को आत्मनिर्भर नहीं बना पाई है। अब कंपनी को ही बेचने का षड़यंत्र रच रहे हैं। सार्वजनिक इकाइयों को बेचने की बीजेपी की पुरानी फितरत है। मोदी सरकार ने भी देश की 27 से अधिक सार्वजनिक उपक्रमों को बेचा था। राज्य की भाजपा सरकार अब प्रदेश की रीढ़ की हड्डी बिजली कंपनी को ही बेचने का षड़यंत्र कर रही है।
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