कबीरधाम: धान खरीदी में गड़बड़ी, 15 लाख रुपये का 628 कुंतल धान कम, केंद्र प्रभारी के खिलाफ एफआईआर
धान खरीदी में हुई गड़बड़ी को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। कुकदूर धान उपार्जन केंद्र में 15 लाख रुपये से अधिक कीमत के 628 क्विंटल धान की कमी पाई गई है।
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धान खरीदी में हुई गड़बड़ी को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। कुकदूर धान उपार्जन केंद्र में 15 लाख रुपये से अधिक कीमत के 628 क्विंटल धान की कमी पाई गई है। इस मामले में केंद्र प्रभारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। खाद्य अधिकारी सचिन मरकाम ने बताया कि जिला स्तरीय जांच दल द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन के दौरान धान के स्टॉक में यह कमी सामने आई। अनुमानित तौर पर 15 लाख 292 रुपये के धान की हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद उपार्जन केंद्र प्रभारी अमित बाजपेई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अवैध धान की जब्ती और कड़ी निगरानी
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने इस अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए समिति प्रबंधक, कंप्यूटर ऑपरेटर और नोडल अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। बैठक में धान खरीदी प्रक्रिया में रीसाइक्लिंग जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने, किसानों की सहमति से रकबा समर्पण सुनिश्चित करने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के संबंध में कड़े निर्देश दिए गए। जिले में अवैध धान के खिलाफ भी अभियान जारी है। अब तक 109 प्रकरणों में 11 हजार 607 क्विंटल धान जब्त किया गया है, जिसकी कीमत लगभग तीन करोड़ 59 लाख 81 हजार 700 रुपये है। इसके अलावा, 46 वाहनों को भी जब्त कर मंडी और थाना की अभिरक्षा में रखा गया है। अवैध धान के परिवहन को रोकने के लिए जिले में 23 चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहां राजस्व, वन, पुलिस, सहकारिता और मंडी विभाग के कर्मचारी संयुक्त रूप से निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने किसानों के हितों की रक्षा और खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रखने का आश्वासन दिया है। यह कदम धान खरीदी व्यवस्था में विश्वास बहाल करने और किसानों को उचित मूल्य दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।