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सिस्टम की मार: कैंसर पीड़ित पत्नी को बाइक पर लेटाकर कलेक्ट्रेट पहुंचा पति, मामला सुन कलेक्टर ने दिए निर्देश
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
Published by: कबीरधाम ब्यूरो
Updated Fri, 24 Apr 2026 10:14 AM IST
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सार
कबीरधाम में एक अनोखा मामला सामने आया है। जहां एक पति बीमार पत्नी को बाइक पर कलेक्ट्रेट लेकर पहुंचा। उनकी पत्नी कपूरा मरकाम थायराइड कैंसर के चौथे स्टेज से पीड़ित हैं। कलेक्टर गोपाल वर्मा तत्काल मामले पर संज्ञान लिया। एम्बुलेंस बुलवाकर महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराने के निर्देश दिए।
पीड़िता को बाइक पर लेटाकर पति पहुंचा कलेक्ट्रेट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कबीरधाम जिले के काटाबहरा निवासी समलू मरकाम अपनी गंभीर रूप से बीमार पत्नी कपूरा मरकाम को बाइक में लिटाकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनकी पत्नी कपूरा मरकाम थायराइड कैंसर के चौथे स्टेज से पीड़ित हैं और चलने-फिरने में असमर्थ हैं। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल एम्बुलेंस बुलवाकर महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराने के निर्देश दिए।
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कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को मरीज को हर संभव बेहतर उपचार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महिला को रायपुर में उच्च स्तरीय इलाज के लिए रेफर करने की तैयारी है। शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को महिला को रायपुर भेजा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पीड़िता का इलाज वर्ष 2024 से लेकर अप्रैल 2026 तक लगातार जारी है। रायपुर के एम्स, मेकाहारा, डीकेएस अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में उनका उपचार कराया गया। जनवरी 2025 में मुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पताल में भी करीब एक माह तक इलाज चला था। नवंबर 2025 में हालत बिगड़ने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची थी। तब 108 एम्बुलेंस से महिला को रायपुर भेजा गया था, जहां एम्स में कीमोथेरेपी दी गई थी।
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परिवार का लंबा संघर्ष
उपचार के बाद महिला घर लौट आई थी, लेकिन अब एक बार फिर तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। समलू मरकाम का यह संघर्ष केवल बीमारी से नहीं, बल्कि संसाधनों की कमी से भी जुड़ा है। पत्नी को बाइक में लिटाकर इलाज के लिए लाना उनकी मजबूरी को स्पष्ट दर्शाता है। हालांकि, प्रशासन की त्वरित पहल से अब बेहतर इलाज की उम्मीद जगी है।
रायपुर में होगा उच्च स्तरीय इलाज
डॉक्टरों की निगरानी में फिलहाल जिला अस्पताल में उपचार जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जल्द ही महिला को रायपुर के बड़े अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। वहां विशेषज्ञों की टीम उनका इलाज करेगी। इस घटनाक्रम ने एक ओर जहां सिस्टम की संवेदनशीलता को सामने लाया, वहीं ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की चुनौतियों की भी तस्वीर पेश की।

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