फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   CG News: Baiga Tribe Takes Major Social Reform Step, Bans DJs and Liquor at Weddings to Preserve Tradition

Chhattisgarh News: 'राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र' बैगा समाज की बड़ी पहल, शादियों में डीजे-शराब पर लगाया बैन

Mon, 27 Jul 2026 10:01 AM IST
कबीरधाम ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कबीरधाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कबीरधाम Published by: कबीरधाम ब्यूरो Updated Mon, 27 Jul 2026 10:01 AM IST
सार

राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र माने जाने वाले बैगा समाज ने अपनी संस्कृति बचाने और गरीब परिवारों को कर्ज के बोझ से राहत दिलाने के उद्देश्य से शादी-ब्याह में डीजे और शराब परोसने पर पाबंदी लगाई है। साथ ही अन्य सामाजिक नियमों में भी बदलाव किया गया है।

विज्ञापन
CG News: Baiga Tribe Takes Major Social Reform Step, Bans DJs and Liquor at Weddings to Preserve Tradition
बैठक में समाज के लोग शामिल हुए

विस्तार

आर्थिक तंगी, बढ़ते कर्ज, नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और अपनी पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण को लेकर बैगा समाज ने बड़ा सामाजिक सुधार अभियान शुरू किया है। कबीरधाम जिले के ग्राम हरमों में आयोजित बैगा समाज (सेक्टर भोरमदेव) की विशेष बैठक में सर्वसम्मति से कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में शादी-विवाह और अन्य सामाजिक आयोजनों में डीजे और शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के साथ ही मृत्यु संस्कार (दशगात्र) में सामूहिक सहयोग की नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया गया।
विज्ञापन


समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि डीजे और बढ़ते दिखावे के कारण गरीब परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ रहा था। कई परिवार शादी-ब्याह के खर्च पूरे करने के लिए कर्ज लेने को मजबूर हो जाते थे, जिससे बाद में आर्थिक संकट, जमीन बिकने और पारिवारिक विवाद जैसी स्थितियां पैदा हो जाती थीं। इसे देखते हुए अब समाज में शादी, छठी और अन्य सामाजिक आयोजनों में डीजे नहीं बजाया जाएगा। इसके स्थान पर बैगा समाज की पारंपरिक पहचान रहे मांदर और नगाड़ा की धुनों को फिर से बढ़ावा दिया जाएगा। बता दें कि बैगाओं को राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माना जाता है, ये प्रदेश में सबसे ज्यादा कबीरधाम जिले के जंगलों में निवास करते है और इनकी जनसंख्या के करीब 60 हजार के आसपास है।
विज्ञापन


दशगात्र के लिए भी बने नए नियम
सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने के उद्देश्य से बैठक में दशगात्र (मृत्यु संस्कार) के लिए भी नया नियम बनाया गया। इसके तहत सेक्टर के सभी गांवों में किसी भी परिवार में मृत्यु होने पर प्रत्येक घर से अनिवार्य रूप से 20 रुपये नकद और एक पैली (करीब 4 से 5 किलोग्राम) चावल सहयोग स्वरूप दिया जाएगा, ताकि शोकाकुल परिवार को आर्थिक और सामाजिक सहारा मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Chhattisgarh: थाने से चंद कदम दूर 1 करोड़ के गहनों पर हाथ साफ! स्कूटी से बैग उठाकर फरार हुआ बदमाश

सामाजिक आयोजनों में शराब भी पूरी तरह प्रतिबंधित
बैगा समाज ने नशामुक्ति की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शादी-विवाह, छठी और अन्य सामाजिक आयोजनों में शराब परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि शराब के कारण परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है और सामाजिक वातावरण भी प्रभावित होता है।


बैठक में समाज के प्रमुखों ने कहा कि इन नियमों का उद्देश्य किसी पर प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को कर्ज के बोझ से बचाना, उनकी जमीन और आजीविका की सुरक्षा करना तथा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि बैगा समाज आधुनिकता के साथ आगे बढ़ेगा लेकिन अपनी सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और मांदर की मधुर धुन को नहीं छोड़ेगा।

बैठक में सेक्टर भोरमदेव के अध्यक्ष शुक्लाल बैगा, संरक्षक कृष्णा बैगा, पूर्व जिलाध्यक्ष एवं जिला संरक्षक कामू बैगा, झूलूराम बैगा सहित समाज के पदाधिकारी, बुजुर्ग और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने सर्वसम्मति से नए सामाजिक नियमों का पालन करने का संकल्प लिया।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed