Kabirdham: प्रदेश में 150 से ज्यादा लोग फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के सहारे कर रहे सरकारी नौकरी, कार्रवाई नहीं
प्रदेशभर में 150 से ज्यादा ऐसे कर्मचारी व अधिकारी है, जो फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के सहारे सरकारी नौकरी कर रहे है। ऐसे लोगों के खिलाफ छग दिव्यांग सेवा संघ ने शिकायत की है।
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प्रदेशभर में 150 से ज्यादा ऐसे कर्मचारी व अधिकारी है, जो फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के सहारे सरकारी नौकरी कर रहे है। ऐसे लोगों के खिलाफ छग दिव्यांग सेवा संघ ने शिकायत की है। इसे बाद भी कार्रवाई नहीं हो रहीं है। यहीं कारण है कि आज सोमवार को संघ के बैनर तले जिले के दिव्यांगों ने कवर्धा कलेक्ट्रेट का घेराव किया है। इससे पहले ये कवर्धा के बस स्टैंड से पैदल रैली निकाल कर कलेक्ट्रेट पहुंचे। छग दिव्यांग सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष बोहित राम चन्द्राकर, प्रदेश सचिव संतोष कुमार टोंडे ने बताया कि कबीरधाम जिले के 11 कर्मचारी व अधिकारी के खिलाफ फर्जी दिव्यांग होने संबंधित आवेदन दिया गया था। इन लोगों का राज्य मेडिकल बोर्ड रायपुर से दिव्यांगता का भौतिक परीक्षण कराने का निवेदन किया गया था। इसके बाद भी अब तक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने भी दो मई के आदेश में फर्जी दिव्यांगो को तत्काल दिव्यांगता का परीक्षण कराने आदेशित किया है।
फर्जी लोगों को बर्खास्त करने की मांग
छग दिव्यांग सेवा संघ के उपाध्यक्ष सतीष निषाद ने बताया कि आज सोमवार को 6 मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है। इसमें छग लोक सेवा आयोग (CGPSC) से चयनित 7 डिप्टी कलेक्टर, 3 लेखा अधिकारी, 3 नायब तहसीलदार, 2 सहकारिता निरीक्षक, 3 पशु चिकित्सक समेत 151 फर्जी दिव्यांगजनों का राज्य मेडिकल बोर्ड से दिव्यांगता का भौतिक परीक्षण कराई जाए। इसमें जो फर्जी है, उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाए। सभी विभाग में दिव्यांग कोटे के बैकलॉग पद पर विशेष भर्ती अभियान को लेकर विज्ञापन जारी किया जाए। दिव्यांगजनों के लिए दिव्याग वंदन योजना बनाकर प्रतिमाह 5000 हजार रुपए मासिक पेंशन दिया जाए। बीपीएल की बाध्यता खत्म हो। अन्य राज्य मे पेंशन 3000 हजार से 4500 रुपए है। हमारे राज्य में 5000 प्रतिमाह किया जाए। शासकीय पद पर नियुक्त दिव्यांग अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति पर तीन प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है, जिसे कोई विभाग पालन नही कर रहा है। इसके लेकर परिपत्र जारी किया जाए। कोरोना काल के पूर्व के स्वरोगजार के लिए दिव्यांगजनों द्वारा निःशक्त वित्त निगम लिए गए कर्ज को माफ किया जाए।