Kabirdham: शिक्षकों ने युक्तियुक्तकरण काउंसिलिंग का किया विरोध, पुलिस बल रहा तैनात
कबीरधाम जिले में शिक्षक साझा मंच के प्रांतीय आव्हान पर विसंगतिपूर्ण युक्तियुक्तकरण समेत चार सूत्रीय मांग को लेकर विगत दो जून से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के तीसरे दिन शिक्षकों ने पदांकन के लिए आयोजित काउंसिलिंग का जमकर विरोध किया।
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कबीरधाम जिले में शिक्षक साझा मंच के प्रांतीय आव्हान पर विसंगतिपूर्ण युक्तियुक्तकरण समेत चार सूत्रीय मांग को लेकर विगत दो जून से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के तीसरे दिन शिक्षकों ने पदांकन के लिए आयोजित काउंसिलिंग का जमकर विरोध किया। साझा मंच के जिला संचालक रमेश चन्द्रवंशी, शिवेंद्र चन्द्रवंशी, प्रेमनारायण शर्मा व प्रांतीय उपसंचालक सीडी भट्ट के नेतृत्व में जिले के शिक्षकों ने जिला मुख्यालय के रानी दुर्गावती चौक के पास स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में आयोजित काउंसिलिंग का विरोध करने के लिए आज सुबह 8बजे से ही एकत्र हो गए थे। रमेश चन्द्रवंशी ने बताया कि त्रुटिपूर्ण युक्तियुक्तकरण के तहत अतिशेष घोषित शिक्षकों का काउंसिलिंग सुबह 9 बजे से प्रारंभ होना था, लेकिन शिक्षकगण ने काउंसिलिंग का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी करने लगे।
इस दौरान काउंसिलिंग के लिए आए शिक्षक भी शिक्षक साझा मंच का साथ देते हुए वे भी नारेबाजी करने लगे, जिसके चलते काउंसिलिंग समय पर प्रारंभ नहीं हो सका। काउंसिलिंग के विरोध को देखते मौके पर पुलिस बल भी तैनात किए गए थे। जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक साझा मंच के जिला संचालक से भी चर्चा किया, लेकिन बात नहीं बन पाया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में काउंसिलिंग विलंब से प्रारंभ हुआ। शिक्षक साझा मंच ने स्पष्ट किया है कि अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगा, जिले के शिक्षकों से पांच जून को सुबह 11 बजे स्थानीय राजमहल चौक स्थित धरना स्थल में उपस्थित रहने का आव्हान किए हैं।
1499 शिक्षक के पद हमेशा के लिए समाप्त
जिला संचालक रमेश चन्द्रवंशी ने बताया कि छग शासन स्कूल शिक्षा विभाग के सेटअप 2008 में निर्धारित पद के विपरीत किए जा रहे युक्तियुक्तकरण से जिले में शिक्षक संवर्ग के 1499 पद हमेशा के लिए समय कर दिया गया है,जिसमें सहायक शिक्षक के 973, शिक्षक के 486 व व्याख्याता के 40 पद शामिल है। वहीं, दूसरी ओर जिले में शिक्षा विभाग में शिक्षकों के नियुक्ति, पदोन्नति, युक्तियुक्तकरण आदि के लिए कई अवसर आए हैं, जिसमें पदांकन के लिए काउंसिलिंग की आवश्यकता पड़ा है, लेकिन उसमें पुलिस फोर्स की आवश्यकता नहीं पड़ा है। यह पहला अवसर है जिसमें भारी संख्या में पुलिस की मौजूदगी में शिक्षकों का काउंसिलिंग किया गया।