Kanker: हाथियों का दल पहुंचा कांकेर बॉर्डर, ड्रोन से की जा रही है निगरानी, वन विभाग ने बंद कराई बिजली सप्लाई
कांकेर में एक बार फिर हाथियों का दल लौटकर दुधावा के करीब साईमुंडा के जंगल तक पहुंच गया है। ये सिकासेर दल के हाथी हैं, जिसके 15 सदस्यों ने बीती रात जिले में प्रवेश किया, लेकिन सुबह तक वापस धमतरी जिले में चले गए।
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कांकेर में एक बार फिर हाथियों का दल लौटकर दुधावा के करीब साईमुंडा के जंगल तक पहुंच गया है। ये सिकासेर दल के हाथी हैं, जिसके 15 सदस्यों ने बीती रात जिले में प्रवेश किया, लेकिन सुबह तक वापस धमतरी जिले में चले गए। सोमवार को ये अपने दल के अन्य हाथियों के साथ कांकेर जिला के बार्डर पर ही मौजूद रहे। वन विभाग ने इनकी सुरक्षा के लिए इलाके की बिजली सप्लाई बंद करा दी है। सीतानदी उदंती टाइगर रिजर्व अभ्यारण में चार दिनों से घूम रहे सिकासेर दल के हाथी शनिवार रात ही कांकेर जिले में दुधावा के करीब साईमुंडा पहुंचे लेकिन वे यहां से आगे नहीं बढ़े। सूचना मिलते ही विभाग का अमला रात में हाथियों व लोगों की सुरक्षा के लिए इलाके में तैनात हो गया।
सोमवार को दिनभर जंगल में आराम करने के बाद रात में 15 हाथी कांकेर जिले के साईमुंडा इलाके में पहुंच गए। हाथी बस्ती के करीब थे, लेकिन बस्ती में नहीं आए। वे जंगल में ही भोजन के लिए पेड़-पौधों को तोड़ फल फूल खाते रहे। सुबह होने तक ये वापस कांकेर जिले के बार्डर से बाहर धमतरी जिले में पहुंच गए, जो कांकेर जिले के बार्डर से महज 3-5 किमी दूर है।
डिप्टी रेंजर हरीश कोड़ोपी ने बताया हाथियों की सुरक्षा के लिए इलाके में खेत व बस्ती के बाहर के इलाके में बिजली सप्लाई बंद करा दी गई है। हाथी पिछले कुछ वर्षों से सितंबर-अक्टूबर में साईमुंडा तक आ रहे हैं। आगे पहड़ी इलाका होने के कारण वे यहां से वापस लौट जाते हैं। भोजन की तलाश में इस इलाके में लंबे समय तक घूमते रहते हैं। जिसे देखते वन विभाग का अमला पूरे समय यहां तैनात है।