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Korba: एकलव्य आवासीय विद्यालय के बच्चों ने किया चक्का जाम, प्राचार्य को हटाने और सुविधाओं की मांग
Sat, 01 Aug 2026 03:28 PM IST
कोरबा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2026 03:28 PM IST
सार
एकलव्य आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं और परिजनों ने शनिवार की सुबह अपनी मांगों को लेकर कटघोरा-कोरबा मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। उन्होंने कहा कि प्राचार्य को हटाने की मांग को लेकर पहले भी विरोध किया गया था।
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बच्चों ने किया चक्का जाम
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विस्तार
कोरबा जिले के कटघोरा स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं और परिजनों ने शनिवार की सुबह अपनी मांगों को लेकर कटघोरा-कोरबा मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। सुबह 7 बजे से शुरू हुआ यह प्रदर्शन करीब डेढ़ घंटे तक चला, जिसके कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
आंदोलनकारी बच्चों और परिजनों का आरोप है कि स्कूल में खाने में कीड़ा मिलता है, बच्चों से अभद्र व्यवहार किया जाता है और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल के प्राचार्य अरशद अहमद खान और अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्राचार्य को हटाने की मांग को लेकर पहले भी विरोध किया गया था और विधायक की गाड़ी के सामने भी प्रदर्शन किया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
छात्राओं ने बताया कि प्राचार्य द्वारा अब भी बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। छात्रावास में मिलने वाली सुविधाएं समय पर नहीं मिल पा रही हैं। खाने-पीने की गुणवत्ता खराब है और शिकायत करने पर डांट-फटकार मिलती है। इसी आक्रोश में आक्रोशित बच्चों ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया।
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सूचना मिलते ही मौके पर कटघोरा एसडीएम तुलाराम भारद्वाज तहसीलदार और पुलिस अधिकारी पहुंचे। प्रशासन ने बच्चों और परिजनों से बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि प्राचार्य के खिलाफ लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्र-छात्राएं मान गए और डेढ़ घंटे बाद चक्का जाम समाप्त कर दिया। इसके बाद वाहनों की आवाजाही सामान्य हुई और बच्चे वापस स्कूल लौट गए।
वहीं स्कूल के प्राचार्य अरशद अहमद खान ने सभी आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों की जो भी समस्या है उससे उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। मूलभूत समस्याओं को जल्द दूर किया जाएगा। प्राचार्य ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
एसडीएम तुलाराम भारद्वाज ने बताया कि बच्चों की मुख्य मांग प्राचार्य को हटाने और अभद्र व्यवहार रोकने की थी। प्रशासन ने जांच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा देकर मामले को सुलझाया है। जिला प्रशासन ने कहा है कि आवासीय विद्यालयों में सुविधाओं और अनुशासन को लेकर लगातार निगरानी रखी जाएगी ताकि बच्चों को बेहतर माहौल मिल सके।
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आंदोलनकारी बच्चों और परिजनों का आरोप है कि स्कूल में खाने में कीड़ा मिलता है, बच्चों से अभद्र व्यवहार किया जाता है और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल के प्राचार्य अरशद अहमद खान और अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्राचार्य को हटाने की मांग को लेकर पहले भी विरोध किया गया था और विधायक की गाड़ी के सामने भी प्रदर्शन किया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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छात्राओं ने बताया कि प्राचार्य द्वारा अब भी बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। छात्रावास में मिलने वाली सुविधाएं समय पर नहीं मिल पा रही हैं। खाने-पीने की गुणवत्ता खराब है और शिकायत करने पर डांट-फटकार मिलती है। इसी आक्रोश में आक्रोशित बच्चों ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया।
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सूचना मिलते ही मौके पर कटघोरा एसडीएम तुलाराम भारद्वाज तहसीलदार और पुलिस अधिकारी पहुंचे। प्रशासन ने बच्चों और परिजनों से बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि प्राचार्य के खिलाफ लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्र-छात्राएं मान गए और डेढ़ घंटे बाद चक्का जाम समाप्त कर दिया। इसके बाद वाहनों की आवाजाही सामान्य हुई और बच्चे वापस स्कूल लौट गए।
वहीं स्कूल के प्राचार्य अरशद अहमद खान ने सभी आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों की जो भी समस्या है उससे उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। मूलभूत समस्याओं को जल्द दूर किया जाएगा। प्राचार्य ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
एसडीएम तुलाराम भारद्वाज ने बताया कि बच्चों की मुख्य मांग प्राचार्य को हटाने और अभद्र व्यवहार रोकने की थी। प्रशासन ने जांच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा देकर मामले को सुलझाया है। जिला प्रशासन ने कहा है कि आवासीय विद्यालयों में सुविधाओं और अनुशासन को लेकर लगातार निगरानी रखी जाएगी ताकि बच्चों को बेहतर माहौल मिल सके।