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कोरबा में हाथी का कहर: जंगल में ग्रामीण को कुचलकर मार डाला, इलाके में दहशत
Mon, 29 Jun 2026 11:45 AM IST
कोरबा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2026 11:45 AM IST
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कोरबा के कटघोरा वन मंडल के जटगा वन परिक्षेत्र से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। धवलपुर जंगल में हाथी के हमले में 40 वर्षीय ग्रामीण संतोष की मौके पर ही मौत हो गई। हाथी ने उसे बेरहमी से कुचल दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में भय का माहौल है।
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जानकारी के अनुसार, मृतक संतोष बीती रात अपनी गायों को चराने के लिए धवलपुर जंगल गया था। अंधेरे में उसे पता नहीं चला कि जंगल में 18 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। अचानक एक हाथी ने संतोष पर हमला कर दिया और उसे जमीन पर पटक दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हाथी ने लगातार हमला किया, जिससे संतोष ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। ग्रामीणों को घटना की जानकारी सुबह मिली तो पूरे गांव में मातम छा गया।
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ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जटगा वन परिक्षेत्र में पिछले कई दिनों से 18 हाथियों का झुंड लगातार घूम रहा है। यह झुंड फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। संतोष की मौत के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों को जंगल की ओर भगाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
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इस घटना ने वन विभाग की चिंताएं बढ़ा दी हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल कटघोरा वन मंडल में कुल 49 हाथी अलग-अलग क्षेत्रों में विचरण कर रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में हाथियों की मौजूदगी से आसपास के गांवों में खतरा लगातार बढ़ रहा है। हाथी फसल नुकसान के साथ-साथ जनहानि की घटनाओं को भी अंजाम दे रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और परिजनों को आवश्यक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू की गई। वन विभाग ने आसपास के सभी गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे रात के समय, अंधेरे में या अकेले जंगल की ओर न जाएं।
वन विभाग के अधिकारी लगातार हाथियों के दल पर नजर रखे हुए हैं और उन्हें सुरक्षित रूप से जंगल की गहराई में खदेड़ने का प्रयास कर रहे हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि हाथी दिखने पर शोर न मचाएं, पटाखे न चलाएं और तुरंत वन विभाग को सूचना दें। संतोष की मौत के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।