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कोरबा में दर्दनाक हादसा: 17 गौवंशों की मौत से भड़का आक्रोश, गौसेवकों ने किया चक्का जाम
Fri, 14 Aug 2026 01:51 PM IST
कोरबा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Fri, 14 Aug 2026 01:51 PM IST
सार
हादसे में 17 गौवंश दुर्घटना की चपेट में आ गए। देर रात हुई इस घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों और गौसेवकों की भीड़ जुट गई। बड़ी संख्या में गौवंशों को सड़क पर मृत देखकर लोगों में गुस्सा देखने को मिला।
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कोरबा में दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरबा जिले के दर्री क्षेत्र में गुरूवार देर रात हुए दर्दनाक हादसा हुआ। हादसे में 17 गौवंश दुर्घटना की चपेट में आ गए। देर रात हुई इस घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों और गौसेवकों की भीड़ जुट गई। बड़ी संख्या में गौवंशों को सड़क पर मृत देखकर लोगों में गुस्सा देखने को मिला। देखते ही देखते मामला प्रदर्शन में बदल गया और गौसेवकों ने सड़क पर चक्का जाम कर दिया।
स्थानीय लोगों पूरे मामले को लेकर बताया कि रात के समय भवानी मंदिर के पास पुलिया पर अचानक कई गौवंश हादसे का शिकार हो गए। दुर्घटना किस वाहन से हुई और हादसे की वास्तविक वजह क्या थी यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है। पूरे मामले को लेकर पुलिस जांच कर रही है।
वहीं घटना की सूचना मिलते ही गौसेवक और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। सड़क पर गौवंशों को देखकर लोगों का आक्रोश बढ़ता गया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। चक्का जाम के चलते भवानी मंदिर के पास सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। रात के समय आवागमन करने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सड़कों पर खुले में घूमने वाले गौवंशों की सुरक्षा को लेकर ठोस व्यवस्था नहीं होने के कारण लगातार दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
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गौसेवकों ने प्रशासन से मांग की कि घटना की जांच कर जिम्मेदार व्यक्ति या वाहन की पहचान की जाए और गौवंशों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। चक्का जाम की सूचना मिलते ही दर्री पुलिस मौके पर पहुंची। CSP गिरिजा शंकर साव ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। पुलिस अधिकारियों की समझाइश और आश्वासन के बाद गौसेवकों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। करीब एक घंटे तक बाधित रहा यातायात इसके बाद सामान्य हो सका।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, गौवंश पुलिया के पास कैसे पहुंचे और हादसे के पीछे किसकी लापरवाही थी। घटना ने एक बार फिर शहर और आसपास की सड़कों पर खुले में घूमने वाले गौवंशों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय तेज रफ्तार वाहनों और सड़कों पर घूमने वाले गौवंशों के कारण हादसे का खतरा लगातार बना रहता है।
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स्थानीय लोगों पूरे मामले को लेकर बताया कि रात के समय भवानी मंदिर के पास पुलिया पर अचानक कई गौवंश हादसे का शिकार हो गए। दुर्घटना किस वाहन से हुई और हादसे की वास्तविक वजह क्या थी यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है। पूरे मामले को लेकर पुलिस जांच कर रही है।
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वहीं घटना की सूचना मिलते ही गौसेवक और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। सड़क पर गौवंशों को देखकर लोगों का आक्रोश बढ़ता गया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। चक्का जाम के चलते भवानी मंदिर के पास सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। रात के समय आवागमन करने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सड़कों पर खुले में घूमने वाले गौवंशों की सुरक्षा को लेकर ठोस व्यवस्था नहीं होने के कारण लगातार दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
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गौसेवकों ने प्रशासन से मांग की कि घटना की जांच कर जिम्मेदार व्यक्ति या वाहन की पहचान की जाए और गौवंशों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। चक्का जाम की सूचना मिलते ही दर्री पुलिस मौके पर पहुंची। CSP गिरिजा शंकर साव ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। पुलिस अधिकारियों की समझाइश और आश्वासन के बाद गौसेवकों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। करीब एक घंटे तक बाधित रहा यातायात इसके बाद सामान्य हो सका।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, गौवंश पुलिया के पास कैसे पहुंचे और हादसे के पीछे किसकी लापरवाही थी। घटना ने एक बार फिर शहर और आसपास की सड़कों पर खुले में घूमने वाले गौवंशों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय तेज रफ्तार वाहनों और सड़कों पर घूमने वाले गौवंशों के कारण हादसे का खतरा लगातार बना रहता है।