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छत्तीसगढ़: कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में फायर सेफ्टी अलर्ट, चाइल्ड केयर आग के बाद शुरू हुई बड़ी तैयारी
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Mon, 04 May 2026 07:39 PM IST
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सार
कोरबा जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन ने चाइल्ड केयर हॉस्पिटल में ऑक्सीजन सिलेंडर लीकेज से लगी आग के बाद सुरक्षा उपाय तेज कर दिए हैं। स्टाफ को फायर ट्रेनिंग दी जा रही है, हाइड्रेंट सिस्टम लगाने के लिए एक करोड़ 12 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए।
कोरबा जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चाइल्ड केयर अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडर लीकेज से आग लगने की घटना के बाद जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन ने आज सुरक्षा उपाय तेज कर दिए हैं। संयुक्त संचालक सह चिकित्सा अधीक्षक गोपाल एस. कंवर ने बताया कि अस्पताल में आग से निपटने की व्यापक तैयारी की जा रही है। प्रबंधन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता है।
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने नगर सेनानी विभाग को पत्र लिखकर स्टाफ के लिए अग्निशमन प्रशिक्षण दोबारा शुरू करने का अनुरोध किया है। गोपाल एस. कंवर के अनुसार, अस्पताल में कार्यरत स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, गार्ड समेत सभी कर्मचारियों को बारी-बारी से अग्निशमन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में समय रहते आग पर काबू पाना है।
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अस्पताल में वर्तमान में अग्निशमन उपकरण पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। अग्निशमन के अलग सिस्टम अस्पताल के विभिन्न क्षेत्रों में लगाए गए हैं। हालांकि, जांच के दौरान कुछ खामियां सामने आई हैं। मुख्य अस्पताल भवन में हाइड्रेंट जल प्रणाली नहीं लगी है। पुराने आघात केंद्र में लगा सिस्टम भी काम नहीं कर रहा है। इन कमियों को तत्काल दूर करना आवश्यक है।
कमियों को दूर करने के प्रयास
इन कमियों को दूर करने के लिए सीजीएमएससी को 1 करोड़ 12 लाख रुपये स्थानांतरित किए जा चुके हैं। इस राशि से अस्पताल के पुराने भवन में हाइड्रेंट जल प्रणाली लगाई जाएगी। पुराने आघात केंद्र के सिस्टम को ठीक कराने के लिए भी पत्राचार किया गया है। प्रबंधन का कहना है कि काम जल्द शुरू होगा। यह कदम अस्पताल की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
सीजीएमएससी को इस मामले में चौथी बार पत्र लिखा गया है। लेकिन अब तक निविदा प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। इससे काम में देरी हो रही है और अस्पताल को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कंवर ने भरोसा दिलाया कि अग्निशमन सुरक्षा से जुड़ी सभी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता है।