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एसईसीएल भूविस्थापित सम्मेलन: 12 जनवरी को होगा आयोजन, कई मुद्दों पर बनेगी संयुक्त आंदोलन की रणनीति
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: राहुल तिवारी
Updated Sun, 11 Jan 2026 08:35 PM IST
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सार
एसईसीएल के तहत छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के भूविस्थापितों का सम्मेलन 12 जनवरी को गेवरा में होगा। इसमें रोजगार, मुआवजा, पुनर्वास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर संयुक्त आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
एसईसीएल स्तरीय भूविस्थापित सम्मेलन कल
- फोटो : एसईसीएल स्तरीय भूविस्थापित सम्मेलन कल
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विस्तार
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के अंतर्गत छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के भूविस्थापितों का एसईसीएल स्तरीय सम्मेलन 12 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन कोरबा जिले के गेवरा क्षेत्र स्थित नराईबोध भूविस्थापित भवन में सुबह 11 बजे से शुरू होगा।
ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की कोयला परियोजनाओं से जुड़े विभिन्न संगठनों द्वारा चल रहे आंदोलनों को एक फेडरेशन के रूप में एकजुट करने पर विचार किया जाएगा। सम्मेलन में रोजगार, उचित मुआवजा, पुनर्वास और बुनियादी सुविधाओं जैसी जायज मांगों को लेकर संघर्ष को और मजबूत बनाने पर मंथन होगा। साथ ही आगामी दिनों में बिलासपुर मुख्यालय, कोल इंडिया कोलकाता और कोयला मंत्रालय नई दिल्ली में बड़े आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के गेवरा, दीपका, कुसमुंडा, कोरबा, रायगढ़, बैकुंठपुर, विश्रामपुर, भटगांव, चिरमिरी और हसदेव क्षेत्रों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के सोहागपुर और जमुना कोतमा क्षेत्र के विभिन्न संगठनों के नेता, किसान प्रतिनिधि, हाईकोर्ट अधिवक्ता, समाजसेवी और बड़ी संख्या में प्रभावित ग्रामीण शामिल होंगे।
ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के सदस्य ललित महिलांगे ने बताया कि यह एक ऐतिहासिक सम्मेलन होगा, जिसमें पहली बार एसईसीएल की सभी खदानों के प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्र होंगे। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे और आगे की लड़ाई को मजबूती देने के लिए ठोस योजना बनाई जाएगी। सम्मेलन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की कोयला परियोजनाओं से जुड़े विभिन्न संगठनों द्वारा चल रहे आंदोलनों को एक फेडरेशन के रूप में एकजुट करने पर विचार किया जाएगा। सम्मेलन में रोजगार, उचित मुआवजा, पुनर्वास और बुनियादी सुविधाओं जैसी जायज मांगों को लेकर संघर्ष को और मजबूत बनाने पर मंथन होगा। साथ ही आगामी दिनों में बिलासपुर मुख्यालय, कोल इंडिया कोलकाता और कोयला मंत्रालय नई दिल्ली में बड़े आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
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इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के गेवरा, दीपका, कुसमुंडा, कोरबा, रायगढ़, बैकुंठपुर, विश्रामपुर, भटगांव, चिरमिरी और हसदेव क्षेत्रों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के सोहागपुर और जमुना कोतमा क्षेत्र के विभिन्न संगठनों के नेता, किसान प्रतिनिधि, हाईकोर्ट अधिवक्ता, समाजसेवी और बड़ी संख्या में प्रभावित ग्रामीण शामिल होंगे।
ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के सदस्य ललित महिलांगे ने बताया कि यह एक ऐतिहासिक सम्मेलन होगा, जिसमें पहली बार एसईसीएल की सभी खदानों के प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्र होंगे। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे और आगे की लड़ाई को मजबूती देने के लिए ठोस योजना बनाई जाएगी। सम्मेलन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।