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रातभर अकेले हाथी ने मचाया उत्पात: कोरबा के दो गांवों में रही दहशत, घरों से भागे; टॉर्च की रोशनी में रेस्क्यू
Wed, 08 Jul 2026 10:28 AM IST
कोरबा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2026 10:28 AM IST
सार
कोरबा में देर रात एक अकेले हाथी के उत्पात से ग्रामीणों की नींद उड़ गई। मरवाही के झुंड से बिछड़कर आए इस हाथी ने तरई नार और पिपरहा गांव में जमकर तोड़फोड़ की, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई।
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हाथी का उत्पात
- फोटो : wildlife sos
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विस्तार
कटघोरा वन मंडल के पसान वन परिक्षेत्र में मंगलवार देर रात एक हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। मरवाही के झुंड से बिछड़कर आए इस अकेले हाथी ने तरई नार और पिपरहा गांव में तोड़फोड़ की। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
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हाथी के गांव में घुसते ही कई कच्चे-पक्के मकान क्षतिग्रस्त हो गए। एक पक्के मकान की दीवार भी हाथी ने तोड़ डाली। हाथी के चिल्लाने और घर तोड़ने की आवाज से पूरा गांव दहशत में आ गया। लोग अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। प्रभावित परिवारों ने रात जागकर बिताई।
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घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन अमले ने करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद हाथी को गांव से बाहर खदेड़ा। वनकर्मियों की सूझबूझ से बड़ी जनहानि टल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से इस क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। इससे खेती-किसानी और रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है। हाथियों के बार-बार गांव में पहुंचने से लोगों में भय का माहौल है।
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वन विभाग ने घटना के बाद प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। टीम लगातार गश्त कर रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दे रही है। विभाग ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और प्रभावित परिवारों को सहायता राशि दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
ग्रामीणों ने हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर रखने के लिए स्थायी उपाय करने की मांग की है। उन्होंने खेतों के चारों ओर ट्रेंच और सोलर फेंसिंग जैसी व्यवस्था की मांग की है। वन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हाथी की लोकेशन ट्रैक कर रहा है।