Korba:एनटीपीसी टाउनशिप में दो DGM अधिकारियों के घर एक ही रात में चोरी, करतूत सीसीटीवी में कैद
कोरबा एनटीपीसी टाउनशिप में दो वरिष्ठ अधिकारियों, रंजन कुमार श्रीवास्तव और जीवराज जाट के सूने मकानों में हुई लाखों की चोरी की घटना से हड़कंप मच गया है।
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कोरबा एनटीपीसी टाउनशिप में दो वरिष्ठ अधिकारियों, रंजन कुमार श्रीवास्तव और जीवराज जाट के सूने मकानों में हुई लाखों की चोरी की घटना से हड़कंप मच गया है। पड़ोसियों द्वारा घटना की सूचना मिलने पर दर्री थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है।
एनटीपीसी में उप महाप्रबंधक (DGM) के पद पर कार्यरत रंजन कुमार श्रीवास्तव और जीवराज जाट अपने परिवारों के साथ बाहर गए हुए थे। इसी का फायदा उठाते हुए अज्ञात चोरों ने उनके सरकारी आवासों को निशाना बनाया। 11 फरवरी की रात चोरों ने इन घरों में घुसकर कीमती सामान पर हाथ साफ किया। अगली सुबह जब पड़ोसियों ने घरों के टूटे ताले देखे तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया।
जीवराज जाट का परिवार अपनी बेटी की शादी के लिए राजस्थान गया हुआ है। पड़ोसियों द्वारा घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने बताया कि चोरी की गई सामग्री और उसकी कीमत का पता चलने के बाद ही सही जानकारी दी जा सकेगी। अगले कुछ दिनों में उनकी बेटी की शादी है और वे राजस्थान से लौटने के बाद ही नुकसान का आकलन कर पाएंगे। तब तक पुलिस ने उनके आवास को सुरक्षित सील कर दिया है। वहीं, रंजन श्रीवास्तव का परिवार तीर्थ यात्रा पर गया हुआ है। उन्हें भी घटना की सूचना दे दी गई है और उनके लौटने पर ही चोरी हुए सामान और उसकी अनुमानित लागत का पता चल सकेगा। दोनों अधिकारी एनटीपीसी कॉलोनी में डी/109 और डी/108 नंबर के आवासों में रहते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती, सीसीटीवी में कैद चोर
एनटीपीसी कॉलोनी में सुरक्षा के मद्देनजर कई सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके बावजूद, चोरों ने इस घटना को अंजाम देकर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है। एक सीसीटीवी कैमरे में चोर की करतूत कैद हुई है, जिसमें वह चेहरे पर मफलर, टोपी और जैकेट पहने हुए दिखाई दे रहा है और उसके हाथ में हथियार भी है। एनटीपीसी के हर सड़क चौराहे पर लगे कैमरों के बावजूद कॉलोनी परिसर में एक अधिकारी के घर चोरी होना सुरक्षा कर्मियों के लिए सोचने का विषय है। चोरों ने घरों के भीतर सामान को भी बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 305 और 331(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।