फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Mahadev betting app case: Vikas Garg remanded to 10-day ED custody

Chhattisgarh News: महादेव बेटिंग एप केस में दस दिन की ईडी रिमांड पर विकास गर्ग, पूछताछ में होंगे बड़े खुलासे

Wed, 15 Jul 2026 08:17 PM IST
Lalit Kumar Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: Lalit Kumar Singh Updated Wed, 15 Jul 2026 08:17 PM IST
सार

Mahadev betting app case: महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप से जुड़े करोड़ों रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार EbixCash के चेयरमैन विकास गर्ग को आज बुधवार को रायपुर स्थित विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया।

विज्ञापन
Mahadev betting app case: Vikas Garg remanded to 10-day ED custody
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Amar ujala digital

विस्तार

Mahadev betting app case: महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप से जुड़े करोड़ों रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार ईबिक्सकैश के चेयरमैन विकास गर्ग को आज बुधवार को रायपुर स्थित विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें दस दिन की रिमांड पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंप दिया। अब ईडी 24 जुलाई को उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश करेगी। इस दौरान जांच एजेंसी उनसे पूछताछ करेगी। जांच के दौरान महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप नेटवर्क, कथित मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला लेन-देन, निवेश के स्रोत और अन्य आरोपियों से जुड़े वित्तीय लेन-देन सहित कई मामलों में पूछताछ कर सकती है। 
विज्ञापन

 
हालांकि ईडी ने 14 दिनों की रिमांड की मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने दस दिन की रिमांड मंजूर की। ईडी ने पिछले दिनों मंगलवार को दिल्ली में 53 साल के गर्ग को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें दिल्ली की एक स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जिसने केंद्रीय एजेंसी को उन्हें रायपुर ले जाने के लिए 24 घंटे की कस्टडी दी। यहां पर इस मामले की जांच चल रही है।
विज्ञापन



ईडी के वकील सौरभ पांडे ने बताया कि कोर्ट ने विकास गर्ग को 24 जुलाई तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया है। हमने कोर्ट को महादेव एप से उनके पास आए फंड के बारे में जानकारी दी। ईडी ने गर्ग पर ईबिक्स के शेयरों को "खत्म करने" और उन पर "दबाव" डालने का आरोप लगाया है। साथ ही उन पर अमेरिका में मौजूद कंपनी के हेडक्वार्टर की प्रॉपर्टी को गिरवी रखने और बेचने की कोशिश करने का भी आरोप है, जिसे एजेंसी ने इस मामले में अपराध से हुई कमाई माना है। गर्ग ईबिक्स ग्रुप के अलावा तीन लिस्टेड कंपनियों - विकास इकोटेक लिमिटेड, विकास लाइफकेयर लिमिटेड और एराया लाइफस्पेस लिमिटेड के प्रमोटर भी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ईबिक्सकैश में 64 प्रतिशत हिस्सेदारी 
ईडी के अनुसार, उन्होंने कथिततौर पर अवैध सट्टेबाजी गतिविधियों से कमाए गए फंड का इस्तेमाल करके एराया लाइफस्पेस के जरिए ईबिक्सकैश में 64 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की थी। पिछले हफ्ते, केंद्रीय एजेंसी ने एक प्रेस बयान में कहा था कि जांच के तहत उसने गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी कंपनियों की 940.77 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है।




छह हजार करोड़ की अवैध कमाई
ईडी ने कहा कि "यह अटैचमेंट महादेव ऑनलाइन बुक/स्काईएक्सचेंज अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है।" एजेंसी का आरोप है कि महादेव बेटिंग ऐप मामले में छत्तीसगढ़ के बड़े राजनेता और अधिकारी शामिल हैं। इस मामले में अपराध से हुई कमाई छह हजार करोड़ रुपये है। यह भी आरोप है कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज (दुबई स्थित एक्सचेंज) के गैर-कानूनी बेटिंग के काम से हुई कमाई को हवाला के जरिये ठिकाने लगाया गया। इसके लिए शेल कंपनियों और दूसरे लेन-देन के ज़रिए कैश के बदले एंट्री का इंतजाम किया गया था।


940.77 करोड़ रुपये की अवैध कमाई
जांच से पता चला है कि महादेव ऑनलाइन बुक-स्काईएक्सचेंज बेटिंग के काम से हुई 940.77 करोड़ रुपये की अवैध कमाई को इसी तरह से उन कंपनियों में भेजा गया, जिनकी मालिक और कंट्रोलर गर्ग थे। ईडी का आरोप है कि इन पैसों का इस्तेमाल शेयर, सिक्योरिटी और दूसरी संपत्तियां खरीदने में किया गया। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप एक बड़े इंटरनेशनल बेटिंग सिंडिकेट के तौर पर काम करता था। यह 'टाइगर एक्सचेंज', 'गोल्ड-365' और 'लेजर-247' जैसे कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डोमेन नामों के जरिए गैर-कानूनी बेटिंग करवाता था। यह काम पूरे भारत में सहयोगियों की ओर से चलाए जा रहे "पैनल" और "ब्रांच" के फ़्रैंचाइजी-आधारित नेटवर्क के जरिए होता था, जबकि मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई से इस बेटिंग सिंडिकेट को कंट्रोल करते थे।

इस मामले में 14वीं गिरफ्तारी 
इस मामले में यह 14वीं गिरफ्तारी है। रायपुर की स्पेशल कोर्ट में अब तक दाखिल पांच चार्जशीट में 74 लोगों/कंपनियों को आरोपी बनाया गया है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed