Mahasamund: एनएच-53 पर मवेशियों के झुंड पर चढ़ी बस, 17 पशुओं की मौत, वाहन छोड़कर चालक फरार
घटना के बाद चालक बस को छोड़ चाबी लेकर फरार हो गया। घटना की जानकारी कुछ स्थानीय लोगों ने तुमगांव पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने राजमार्ग पर लग रहे वाहनों के जाम को बहाल किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महासमुंद जिले में सोमवार को एक सवारी बस के चालक ने राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर 17 मवेशियों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद चालक वाहन छोड़ मौके से फरार हो गया।
शहर के अंदर व बाहर आवारा मवेशियों के जमावड़े ने पालिका व प्रशासन को तंग करके रखा है। शहर के अंदर तो सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों की लगातार धरपकड़ की जा रही है, बावजूद इसके सड़कों पर हर रोज मवेशियों की संख्या बढ़ रही है। वहीं हाइवे पर जमे मवेशियों को हटाने का कोई प्रयास नजर नहीं आ रहा है। इसका ताजा उदाहरण आज सुबह देखने को मिला जब, सरायपाली से रायपुर की ओर जा रही बस के चालक ने राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर कोडार काष्ठागार के सामने सड़क पर बैठे मवेशियों के एक झुंड पर वाहन चढ़ा दिया।
इससे 17 मवेशियों की मौत हो गई। घटना के बाद चालक बस को छोड़ चाबी लेकर फरार हो गया। घटना की जानकारी कुछ स्थानीय लोगों ने तुमगांव पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे प्रभारी मनोरथ जोशी ने पहले राजमार्ग पर लग रहे वाहनों के जाम को बहाल किया। फिर मवेशियों के शव को हटाने व बस को राजमार्ग से हटाने के लिए नगर पालिका महासमुंद से जेसीबी मंगाकर शवों को हटाया। उन्होंने बताया कि घटना में कुल 17 मवेशियों की मौत हुई है। जिसमें गोवंश शामिल हैं।
राजमार्गों से मवेशियों को हटाने पर प्रशासन गंभीर नहीं
बता दें कि वैसे तो सालभर सड़कों पर मवेशी दिखते है पर बरसात के दिनों में गीली जगह से बचने के लिए मवेशी सड़कों पर अपना बसेरा बना लेते हैं। शहरों में आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए कार्रवाई तो की जाती है पर शहर के बाहर खासकर राष्ट्रीय व राज्यमार्गों पर बैठे मवेशियों को पकड़ने पर प्रशासन गंभीर नहीं है। बरसात के दिनों में आवारा मवेशियों के सड़क पर घूमने और बैठने से कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिछले साल भी कई मवेशियों को भारी वाहनों की टक्कर और कुचलने से गोधन की हानि भी हुई है। साथ ही मवेशियों के टकरा जाने से छोटे वाहन चालकों की मौत व घायल होने के लगातार मामले आ चुके हैं।